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Donald Trump समर्थक लॉरा लूमर ने इजरायल से कहा- ‘अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में बम बरसा दो’

Donald Trump supporter Laura Loomer: अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप की समर्थक लॉरा लूमर ने कहा है कि पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार इजरायल के लिए ईरान पर बमबारी करने का बेहतरीन मौका है। अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्री समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद यह समझा जा रहा था कि दोनों देशों के बीच शत्रुता में कुछ कमी आई है।
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भारत

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MI Zahir

Jul 02, 2026

Ayatollah Khamenei Funeral Related News

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई। (फाइल फोटो: पत्रिका)

Laura Loomer Incited Israel to Bomb Ayatollah Khamenei Funeral : अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच खींचतान कम नहीं हुई है। एक ओर सीजफायर का दौर चल रहा है और दूसरी ओर अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप की वफादार लौरा लूमर ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दिन इजरायल को ईरान पर बमबारी करने की सलाह दी है। धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लूमर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह सलाह दी।ऐसा करके उन्होंने एक बार फिर लोगों को भड़का दिया है। इससे शांति वार्ता और अंतिम संस्कार के माहौल में आग में घी डालने के दौर तक देखा जा रहा है।

'यह इजरायल के पास ईरान से बदला लेने का अवसर'

उन्होंने सुझाव दिया कि यह इजरायल के पास अपने प्रतिद्वंद्वी ईरान से बदला लेने का अवसर है, यदि वह 9 जुलाई को, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दिन, ईरान पर बमबारी करे। ध्यान रहे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लंबे समय से सहयोगी रहे लूमर पहले भी ईरान की सरकार को दी गई किसी भी रियायत की आलोचना करते रहे हैं , जिसमें दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझौते शामिल हैं।

लूमर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा

उन्होंने एक अलग सोशल मीडिया पोस्ट में इसी जानकारी के बारे में लिखा, “आईडीएफ के पास सबसे मजेदार काम करने का मौका है। उन्होंने पोस्ट में कहा, "अगर मुझे अमेरिका या आईडीएफ की ओर से कुछ जिहादियों पर बमबारी करते देखने का मौका मिले तो मैं कभी मना नहीं करूंगा। लूमर ने बाद में एक अलग कमेंट के जवाब में कहा, जिसमें खामेनेई के अंतिम संस्कार पर हमला करने के विचार की आलोचना की गई थी।

उन्हें सोशल मीडिया पर अक्सर निंदा का सामना करना पड़ता है

गौरतलब है कि लूमर लंबे समय से इस्लाम की मुखर आलोचक रही हैं, जिसे वह कुछ समय से "जिहादी" कहती आ रही हैं और उन्होंने खुले तौर पर उन लोगों की आलोचना की है जो किसी भी रूप या उपाय में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता समाप्त करने के लिए बातचीत या समाधान तक पहुंचने का समर्थन करते रहे हैं,उन्हें सोशल मीडिया पर अक्सर निंदा का सामना करना पड़ता है।

लूमर ने ईरान के साथ बातचीत का समर्थन करने वालों की आलोचना की थी

उन्होंने अपने पिछले लेखों में से एक में ट्रंप को "भू-राजनीतिक प्रतिभा" कहने के बावजूद, लूमर ने ईरान के साथ बातचीत का समर्थन करने वालों की आलोचना करते हुए कहा है कि रिपब्लिकन मध्यावधि चुनाव ट्रंप की नीतियों के कारण नहीं, बल्कि "रीढ़विहीन जीओपी अधिकारियों की ओर से उनके एजेंडे को संहिताबद्ध करने और उन्हें वह करने की अनुमति देने से इनकार करने" के कारण हार सकते हैं।

अंतिम संस्कार : 20 मिलियन से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना

ईरानी सरकारी मीडिया ने पहले खुलासा किया था कि पूर्व सर्वोच्च नेता को 9 जुलाई को इमाम रजा के मकबरे में दफनाया जाएगा, इससे पहले तेहरान, कोम और मशहद में 6, 7 और 9 जुलाई को अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किए जाएंगे।इस्लामी इतिहास के अनुसार यह घटना इमाम हुसैन के अंतिम संस्कार जुलूस में 100 दिनों से अधिक की देरी के बाद घटी है। इमाम हुसैन 680 ईस्वी में करबला की लड़ाई में शहीद हुए थे, उनके वार्षिक शोक के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह शोक मुहर्रम के पहले दस दिनों के दौरान मनाया जाता है। इसमें 20 मिलियन से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।

खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी,मोजतबा ने पदभार संभाला

गौरतलब है कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के तेहरान पर संयुक्त हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले में उनकी बेटी, दामाद और एक पोते की भी जान चली गई। खामेनेई के बाद उनके बेटे और वर्तमान में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पदभार संभाला।