
बीजिंग की सबसे बड़ी बिल्डिंग से टकराया विमान। (फोटो- X/@nabilajamal_)
चीन की राजधानी बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत में कुछ ही दिनों पहले एक प्लेन टकरा गया था। इस हादसे के बाद विमान का मलबा चूर-चूर होकर जमीन पर गिरा था। इस घटना ने पूरे चीन को हिला दिया।
ये हादसा इतना भयानक था कि लोग अभी भी दहशत में हैं। यह हादसा कैसे हुआ? इसकी जांच अभी चल रही है। इस बीच, चीन सरकार ने बड़ा खुलासा किया है।
अधिकारियों ने कहा कि पायलट की उम्र 66 साल थी और वो अकेले उड़ान भर रहे थे। ये हादसा किसी आतंक या साजिश की वजह से नहीं, बल्कि पायलट के निजी दुखों की वजह से हुआ।
चाओयांग जिले के अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में पायलट की जान चली गई। मारे गए पायलट का नाम लियू था। वे बीजिंग के मूल निवासी थे। लंबे समय से उन्हें नींद न आने की बीमारी (इनसोम्निया) और चिंता (एंग्जायटी) की शिकायत थी।
परिवार और दोस्तों के मुताबिक वो पिछले कुछ समय से काफी तनाव में रहते थे। सरकार ने साफ कहा कि इस पूरे हादसे की जड़ निजी कारण थे। कोई बाहरी साजिश या तकनीकी खराबी नहीं मिली।
पायलट पिंग्गू जिले के एक एयरपोर्ट से सोलो फ्लाइट कर रहे थे। उन्हें एक खास इलाके में ही उड़ान भरने की इजाजत थी। लेकिन बीच में उन्होंने तय रूट छोड़ दिया। जिसके चलते एयरपोर्ट से संपर्क टूट गया और कुछ ही देर बाद प्लेन शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग से टकरा गया।
हादसे में पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। चीन के एविएशन नियम काफी सख्त हैं, फिर भी ये घटना हो गई। इससे सवाल उठ रहे हैं कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्या वाले पायलट को उड़ान की अनुमति कैसे मिल गई।
अब इस घटना के बाद एविएशन अथॉरिटी ने सभी छोटे विमानों की उड़ानों की समीक्षा करने का फैसला किया है। खासकर उन पायलटों की जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है।
चाइना जुन टावर बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत है। 528 मीटर ऊंची यह बिल्डिंग न सिर्फ ऑफिस बल्कि लैंडमार्क भी मानी जाती है। रोज हजारों लोग यहां काम करते हैं। इतनी बड़ी इमारत में विमान टकराने की घटना किसी फिल्मी सीन जैसी लग रही है, लेकिन यह हकीकत है।
Updated on:
02 Jul 2026 03:12 pm
Published on:
02 Jul 2026 03:12 pm
