
ईरान अमेरिका और इजरायल (फोटो- प्रतीकात्मक AI)
4 जुलाई 2026 का दिन दुनिया के इतिहास में दर्ज हो गया है। ये तारीख अब दुश्मन देशों के शहादत, स्वतंत्रा और शौर्य की कहानी को जोड़ती है। ईरान में आज पूर्व सुप्रीम कमांडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार राजधानी तेहरान में शुरू हो गया है। अपने सुप्रीम कमांडर को अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ है। दूसरी तरफ, आज अमेरिका अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन डीसी से लेकर अन्य शहरों रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं, जबकि इजरायल 50 साल पहले किए दुनिया के सबसे मुश्किल सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को याद कर रहा है।
4 जुलाई 1776 को अमेरिका ने डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस पास किया। इस दिन अमेरिका के 13 ब्रिटिश उपनिवेशों ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा की थी। थॉमस जेफरसन द्वारा लिखी गई स्वतंत्रता घोषणा में कहा गया था कि सभी मनुष्य समान हैं और उन्हें जीवन, स्वतंत्रता व खुशी का अधिकार है।
आज अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन और पूर्वी अमेरिका के कई हिस्सों में भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यक्रमों के समय में बदलाव किया गया है। इसके बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देशवासियों को संबोधित करेंगे। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि सैन्य प्रदर्शन और भव्य आतिशबाजी तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे।
4 जुलाई 1976 को इजरायल ने दुनिया के सबसे खतरनाक और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया है। 4 जुलाई 1976 को इजरायल ने युगांडा के एंटेब्बे एयरपोर्ट पर एक शानदार ऑपरेशन चलाया था। दरअसल, आतंकियों ने एयर फ्रांस का प्लेन हाईजैक कर लिया था। इजरायली कमांडो ने हजारों मील दूर जाकर युगांडा में 100 से ज्यादा बंधकों को बचाया। इस ऑपरेशन में इजरायल के कमांडर योनातन नेतन्याहू, जोकि बेंजामिन नेतन्याहू (वर्तमान इजरायली पीएम) के भाई थे, वह शहीद हो गए थे। आज 50 साल बाद इजरायल इस घटना को याद कर अपनी सैन्य ताकत और साहस का जश्न मना रहा है। राज्य अभिलेखागार ने हजारों दस्तावेज जारी किए हैं। यह ऑपरेशन आज भी दुनिया भर में हॉस्टेज रेस्क्यू का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।
ईरान की राजधानी तेहरान में आज 4 जुलाई 2026 को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम जारी है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायली हमले में उनकी मौत हो गई थी। चार महीने बाद उनका अंतिम संस्कार कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें दुनिया भर के नेताओं को बुलावा भेजा गया। भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत की ओर से श्रद्धांजलि दी।
Updated on:
04 Jul 2026 11:58 am
Published on:
04 Jul 2026 11:38 am
