
Balochistan Attack: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाते हुए 25 ऑपरेशन किए, जिनमें 18 सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। मीडिया को जारी एक बयान में, BLA के प्रवक्ता जियांद बलूच ने कहा कि उनके लड़ाकों ने 14 से 23 सितंबर के बीच प्रांत के कई हिस्सों में हमले किए, जिनमें पंजगुर, केच, खारन, खुजदार, मस्तुंग, वाशुक, नुश्की और अन्य इलाके शामिल हैं। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, इन ऑपरेशनों में सेना के काफिलों, चौकियों, निगरानी तंत्र, सप्लाई रूट और तथाकथित "डेथ स्क्वाड" को निशाना बनाया गया।
बयान के मुताबिक, 22 सितंबर को क्वेटा के पास दश्त के टेरा माइल इलाके में गश्त कर रहे सेना के बम निरोधक दस्ते को IED से निशाना बनाया गया, जिसमें एक जवान की मौत हुई और एक घायल हुआ। उसी दिन खुजदार के बागबाना पुलिस स्टेशन पर कब्ज़ा कर हथियार व उपकरण जब्त करने का दावा किया गया। बाद में एंटी-टेररिस्ट फोर्स (ATF) के जवानों के हस्तक्षेप की कोशिश पर जवाबी हमला हुआ, जिसमें SHO मुनीर आलम जट्टक सहित कई पुलिसकर्मी घायल बताए गए। बुलेदा के कोशक इलाके में सेना की एक चौकी पर ग्रेनेड-लॉन्चर से कई राउंड फायरिंग की गई।
संगठन ने आरोप लगाया कि सेना ने नागरिक बस्तियों पर क्वाडकॉप्टर से हमला किया, जिसमें पांच लोग घायल हुए, जबकि उसके लड़ाकों ने एक ड्रोन मार गिराया। बयान में कहा गया कि आर्थिक नाकेबंदी और बलिदान सेना को हर मोर्चे पर पस्त कर रहे हैं, और "आजाद व संप्रभु बलूचिस्तान" तक संघर्ष जारी रहेगा।
BLA ने 20 सितंबर को नुश्की के बाईपास रोड पर शहीद बालाच खान स्टेडियम के पास हमले में दो जवानों की मौत और चार के घायल होने का दावा किया। बुलेदा के कोशक इलाके में सेना की चौकी पर ग्रेनेड-लॉन्चर से फायरिंग की गई। 21 सितंबर को मांड में रैडिग पर कब्ज़ा, नाकेबंदी और भारी हथियारों से सेना के मुख्य कैंप पर हमले का भी दावा किया गया, जबकि 18 सितंबर को बलोचाबाद और बुल्लो पर कब्जे की बात कही गई थी।