
Balochistan News: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कम से कम पांच बलूच युवाओं की कथित तौर पर फर्जी मुठभेड़ में हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि 10 अगस्त को पंजगुर जिले के चीड़ागी इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इन युवाओं को मार दिया। बलूच यकजहती कमेटी (BYC) ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए जबरन गायब करने, हिरासत में रखने और एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल हत्याओं का आरोप लगाया है। मानवाधिकार संगठन के मुताबिक, मारे गए पांच युवाओं में से तीन की पहचान शोएब, पीरजान बलूच और हाफिज मुदस्सर के रूप में हुई है। बाकी दो युवाओं की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BYC के मुताबिक, शोएब को पाकिस्तानी बलों ने तीन साल से अधिक समय पहले कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया था। संगठन का आरोप है कि 10 अगस्त को चीड़ागी में एक कथित फर्जी मुठभेड़ के दौरान उसकी हत्या कर दी गई। BYC ने कहा कि शोएब की मौत बलूचिस्तान में जारी गंभीर मानवाधिकार संकट को दिखाती है। संगठन के मुताबिक, जबरन गायब किए जाने, मनमाने तरीके से हिरासत में लेने, कथित यातना और एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल हत्याओं के कारण बलूचिस्तान में कई परिवार लगातार अनिश्चितता में जी रहे हैं। संगठन ने कहा कि युवाओं की मौत का असर सिर्फ उनके परिवारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे समाज के युवा, उनकी शिक्षा, कौशल, आकांक्षाएं और भविष्य प्रभावित होते हैं।
BYC ने दूसरे मृतक की पहचान 23 वर्षीय पीरजान बलूच के रूप में की है। संगठन का दावा है कि वह करीब 66 दिनों से लापता था और इसी दौरान उसे उसके परिवार से अलग रखा गया। BYC के मुताबिक, पीरजान के परिवार को उसके खिलाफ किसी कथित अपराध की जानकारी नहीं दी गई थी। संगठन ने दावा किया कि उसे हिरासत में लिए जाने से पहले परिवार के सामने कोई वारंट या एफआईआर भी पेश नहीं की गई।
संगठन ने कहा कि परिवार अपने बेटे के जिंदा लौटने का इंतजार करता रहा, लेकिन अंत में उसे उसका शव मिला।
मानवाधिकार संगठन के अनुसार, तीसरे मृतक की पहचान हाफिज मुदस्सर के रूप में हुई है। वहीं, पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई में मारे गए दो अन्य युवाओं की पहचान अभी तक सामने नहीं आई है। इस घटना को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने स्वतंत्र जांच की मांग की है।
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग Paank ने घटनाक्रम की निंदा करते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। संगठन ने सभी मृतकों की पहचान किए जाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की अपील की। Paank ने पाकिस्तानी अधिकारियों से जबरन गुमशुदगी तत्काल रोकने, लापता लोगों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने और हिरासत में लिए गए लोगों को अदालत के सामने पेश करने की मांग की। संगठन ने कहा कि आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार मिलना चाहिए।
मानवाधिकार संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने पाकिस्तान पर जबरन गुमशुदगी और कथित एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल को रोकने के लिए दबाव बनाने की मांग की है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा, सुरक्षा अभियानों और मानवाधिकारों को लेकर विवादों के केंद्र में रहा है। इस ताजा घटना को लेकर भी मानवाधिकार संगठनों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई और कथित फर्जी मुठभेड़ों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।