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Defense Alert: क्या भारत के लिए खतरा बनेंगे पाक फाइटर जेट ? बांग्लादेश और इस्लामाबाद में बड़ी डील!

JF-17 Block III Deal: बांग्लादेशी वायुसेना प्रमुख की पाकिस्तान यात्रा ने दक्षिण एशिया में खलबली मचा दी है। JF-17 थंडर फाइटर जेट्स और 'सुपर मश्शाक' विमानों की संभावित खरीद भारत के लिए नई सामरिक चुनौती पेश कर सकती है।

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Jan 07, 2026
बांग्लादेश, पाकिस्तान के साथ JF-17 ब्लॉक III और सुपर मश्शाक मिसाइलों के सौदे के करीब। (फोटो: X /Defence Security Asia

Strategic Partnership: दक्षिण एशिया में एक नई रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) जन्म ले रही है, जो भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है। बांग्लादेशी एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाकिस्तान ने ढाका को अपने उन्नत JF-17 Block III फाइटर जेट्स (Bangladesh Pakistan JF-17 Deal 2026)बेचने का प्रस्ताव दिया है। शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद, अंतरिम प्रशासन का पाकिस्तान के प्रति यह झुकाव न केवल रक्षा संबंधों को बदल रहा है, बल्कि चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' नीति को भी मजबूती दे रहा है। इससे दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन में एक बहुत बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि ढाका का झुकाव अब इस्लामाबाद की ओर बढ़ेगा, और अब ये कयास हकीकत में बदलते हुए नजर आ रहे हैं। बांग्लादेशी वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान (Air Chief Marshal Hasan Mahmood Khan Islamabad visit) इन दिनों पाकिस्तान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के शीर्ष अधिकारियों के साथ लंबी बैठकें की हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू पाकिस्तान और चीन द्वारा विकसित JF-17 Thunder फाइटर जेट (Pakistan Bangladesh Defense Pact Updates) की संभावित खरीद है।

पाकिस्तान की धरती पर बांग्लादेशी एयर चीफ: क्या है पूरा माजरा ?

बांग्लादेशी वायुसेना प्रमुख का इस्लामाबाद पहुंचना और वहां पाकिस्तानी एयर चीफ जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात करना महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बांग्लादेश अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने के लिए पाकिस्तान से JF-17 Block III विमानों की एक खेप खरीदने की फिराक में है।

सस्ते और प्रभावी पाकिस्तानी-चीनी विकल्प

मुलाकात के दौरान बांग्लादेशी एयर चीफ को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया और उन्हें पाकिस्तान के 'पाकिस्तान एरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स' (PAC) का दौरा भी कराया गया। यह वही जगह है जहां इन खतरनाक लड़ाकू विमानों का निर्माण और रखरखाव किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश अब रूसी विमानों पर अपनी निर्भरता कम कर सस्ते और प्रभावी पाकिस्तानी-चीनी विकल्पों की ओर बढ़ना चाहता है।

JF-17 थंडर की खूबियां और बांग्लादेश की दिलचस्पी

JF-17 थंडर एक मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है जिसे पाकिस्तान और चीन ने मिल कर तैयार किया है। बांग्लादेश इसमें क्यों दिलचस्पी ले रहा है, इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

किफायती सौदा: पश्चिमी देशों या रूस के विमानों के मुकाबले यह बहुत सस्ता पड़ता है।

आधुनिक तकनीक: इसका 'ब्लॉक III' वर्जन रडार और मिसाइल सिस्टम के मामले में काफी उन्नत बताया जाता है।

बदलती राजनीति: शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद, वर्तमान अंतरिम सरकार पाकिस्तान के साथ अपने रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना चाहती है।

भारत के लिए चिंता की घंटी क्यों ?

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ती यह सैन्य नजदीकी भारत के लिए रणनीतिक रूप से बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। भारत और बांग्लादेश के बीच लंबी सीमा शेयर होती है, और 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) के पास किसी भी पाकिस्तानी सैन्य उपस्थिति या प्रभाव का होना भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए संवेदनशील हो सकता है। अब तक बांग्लादेशी सेना भारतीय सैन्य संस्थानों में प्रशिक्षण लेती रही है, लेकिन अब पाकिस्तान के साथ "प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग" पर सहमति बनना एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।

दक्षिण एशिया में नई बिसात

बहरहाल, अगर यह रक्षा सौदा फाइनल होता है, तो यह दशकों बाद होगा जब पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच इतना बड़ा सैन्य सहयोग देखने को मिलेगा। यह न केवल रक्षा सौदा होगा, बल्कि एक कूटनीतिक संदेश भी होगा कि बांग्लादेश अब अपनी विदेश नीति में भारत से हटकर नए साझेदार तलाश रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत इस गठबंधन को रोकने के लिए कोई जवाबी कदम उठाएगा।

बांग्लादेश को भारी भी पड़ सकता है यह सौदा

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह "सस्ता सौदा" बांग्लादेश को भारी भी पड़ सकता है, क्योंकि पाकिस्तानी तकनीक की विश्वसनीयता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है; कुछ लोग इसे बांग्लादेश की संप्रभुता बता रहे हैं, तो कुछ इसे दक्षिण एशिया में शांति के लिए खतरा मान रहे हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय की घटनाक्रम पर पैनी नजर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश का एक तकनीकी दल पाकिस्तान का दौरा कर सकता है ताकि विमानों की क्षमता का जमीनी परीक्षण किया जा सके। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और ढाका के साथ उच्च स्तरीय संवाद की तैयारी में है।

बांग्लादेश को 'सुपर मश्शाक' ट्रेनिंग विमान देने की पेशकश

बहरहाल, अहम बात यह है कि पाकिस्तान सिर्फ फाइटर जेट ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश को 'सुपर मश्शाक' (Super Mushshak) ट्रेनिंग विमान भी देने की पेशकश कर चुका है। इसके पीछे चीन का भी बड़ा हाथ माना जा रहा है, जो पर्दे के पीछे से इस पूरी डील को फाइनेंस और सपोर्ट कर रहा है ताकि बंगाल की खाड़ी में उसकी पकड़ मजबूत हो सके।

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