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शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने वाली NCP को क्यों नहीं मिला जनता का साथ, अब आगे क्या है चुनौती

शेख हसीना की सरकार को गिराने में एनसीपी ने अहम भूमिका निभाई थी। इस चुनाव में इस पार्टी ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा था और महज 6 पर ही जीत हासिल कर पाई।

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Feb 16, 2026
बांग्लादेश चुनाव में NCP का प्रदर्शन रहा खराब (Photo-IANS)

Bangladesh Election: बांग्लादेश में आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने शानदार जीत दर्ज की है। 17 साल देश से बाहर रहने के बाद रहमान ने वापसी में पार्टी को चुनावों में दमदार वापसी कराई। हालांकि शेख हसीना की सरकार को गिराने वाली और छात्र आंदोलन से उभरी नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP) अपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। हसीना के जाने के बाद सत्ता हासिल करने वाली NCP को महज 6 सीटों पर ही जीत मिली।

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NCP का निराशाजनक रहा प्रदर्शन

पड़ोसी देश में शेख हसीना की सरकार को गिराने में एनसीपी ने अहम भूमिका निभाई थी। इस चुनाव में इस पार्टी ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा था और महज 6 पर ही जीत हासिल कर पाई। पार्टी के प्रमुख चेहरे नाहिद इस्लाम और हसनत अब्दुल्ला भले ही जीत गए हों, लेकिन पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 

इन प्रमुख चेहरों को मिली हार

NCP के मुख्य समन्वयक नसीरुद्दीन पटवारी ने ढाका-8 सीट से चुनाव लड़ा था और हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, दिलशाना परुल, आरिफुल इस्लाम और सर्जिस आलम को भी हार का सामना करना पड़ा। 

हार की प्रमुख वजह

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो चुनावों में एनसीपी को मिली हार की बड़ी वजह पार्टी में फूट बताई जा रही है। इसके अलावा जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन करने के बाद पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ा और कई नेता अलग हो गए और पार्टी का जनाधार कमजोर पड़ गया।  क्योंकि जमात को पाकिस्तान समर्थक माना जाता है। वहीं यूनुस सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा, महंगाई और अल्पसंख्यक उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर असंतोष भी NCP के खिलाफ गया।

अब क्या भविष्य होगा?

बांग्लादेश में नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) का भविष्य पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन फिलहाल पार्टी कमजोर दौर में है। चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद अब उसका रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। भले ही एनसीपी सत्ता में नहीं हो, लेकिन संसद में उसकी मौजूदगी है। यदि जनता सरकार से नाराज होती है, तो आगामी चुनावों में पार्टी को मौका मिल सकता है। पार्टी को युवाओं का भी समर्थन मौजूद है। 

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Published on:
16 Feb 2026 10:33 am
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