India-Bangladesh Tension: भारत और बांग्लादेश के बीच चल रही तनाव की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसी बीच अब बांग्लादेश ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाना शुरू कर दिया है।
भारत (India) और बांग्लादेश (Bangladesh) के बीच तनाव जगजाहिर है और यह बात किसी से भी छिपी नहीं है कि दोनों देशों के बीच पिछले करीब एक साल में तनाव कितना ज़्यादा बढ़ गया है। एक समय दोनों देशों के बीच काफी अच्छे संबंध थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को पिछले साल 5 अगस्त को अपना देश और प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। देश में छात्र आंदोलन के कारण बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता के चलते पूर्व बांग्लादेशी पीएम अपनी बहन शेख रेहाना (Sheikh Rehana) के साथ बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। उनके बाद मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनी। शेख हसीना के जाने के बाद से ही बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार शुरू हो गए और इसी वजह से दोनों देशों के बीच तनातनी शुरू हो गई। शेख हसीना को शरण देने की वजह से भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, भारत सरकार से खुश नहीं है। दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के बीच अब बांग्लादेश ने एक बड़ा फैसला लिया है।
भारत से तनाव के बीच बांग्लादेश चाहता है कि उसकी सेना और ताकतवर बने। ऐसे में अब बांग्लादेश ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके लिए उसने हथियारों की खरीद बढ़ा दी है।
बांग्लादेश भी अब पाकिस्तान की राह पर चल पड़ा है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि कैसे? दरअसल पाकिस्तान की ही तरह बांग्लादेश भी तुर्की से ड्रोन्स-मिसाइल्स जैसे हथियार खरीद रहा है। जानकारी के अनुसार बांग्लादेश, तुर्की से कई घातक बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम्स खरीद रहा है, जिनकी सप्लाई भी शुरू हो चुकी है।
बांग्लादेश के इस कदम से भारत के साथ बॉर्डर पर टेंशन बढ़ सकती है। तुर्की से हथियार खरीदने पर इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि बांग्लादेश कई हथियारों की तैनाती रैडक्लिफ लाइन के पास कर सकता है। इससे बॉर्डर पर भारत-बांग्लादेश के बीच तनाव की स्थिति सुधरने की जगह और बिगड़ने की पूरी संभावना है। हालांकि बांग्लादेश की सेना यह बात अच्छी तरह से जानती है कि भारतीय सेना के आगे वो बिल्कुल नहीं टिक सकते।