
विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक। (फोटो- ANI)
गीदड़भभकी के बाद पाकिस्तान अब भारत के साथ बातचीत को बेचैन है। बंगलदेश में उसने ऐसा संकेत दिया है। दरअसल, ढाका में विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने बुधवार को एक दूसरे से हाथ मिलाया। जिसे पाकिस्तान अब बढ़ा चढ़ाकर पेश करने की कोशिश कर रहा है।
यह मुलाकात बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के मौके पर हुई, जिसमें सादिक और जयशंकर दोनों शामिल हुए थे। पहलगाम हमले के बाद इस साल की शुरुआत में जब से रिश्ते खराब हुए हैं, तब से सीनियर लेवल पर यह कुछ गिने-चुने दिखने वाले संपर्कों में से एक था।
पहलगाम हमले में 26 टूरिस्ट मारे गए थे, जिसके बारे में भारत ने कहा था कि यह पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का काम था। पाकिस्तान ने अब यह दावा किया है कि यह हाथ मिलाना तब हुआ जब विदेश मंत्री एस जयशंकर इवेंट के दौरान अयाज सादिक के पास गए।
पाकिस्तान के नेशनल असेंबली सेक्रेटेरिएट की प्रेस रिलीज में कहा गया है कि पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान ने बिना उकसावे के हमले और तनाव को रोकने के लिए लगातार बातचीत, संयम और सहयोग के उपायों पर जोर दिया है, जिसमें शांति वार्ता और संयुक्त जांच के प्रस्ताव शामिल हैं।
इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में काफी तनाव आ गया था, जिसके बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सोच-समझकर राजनयिक और रणनीतिक कदम उठाए।
हमले के जवाब में भारत ने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया और ऐसी नीतिगत कदम उठाए जो उसकी लंबे समय से चली आ रही स्थिति को दर्शाते हैं कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।
इन उपायों में से एक सिंधु जल संधि में भागीदारी को निलंबित करना था, जो विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में हुआ एक ऐतिहासिक समझौता था। यह इस बात पर जोर देता है कि भारत सुरक्षा स्थिति को कितनी गंभीरता से देख रहा था।
भारत ने सीमा पार आवाजाही और अन्य द्विपक्षीय संबंधों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। यह दोहराते हुए कि किसी भी संबंध के लिए आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई और नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों के लिए जवाबदेही जरूरी है।
भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया।
भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा द्वारा चलाए जा रहे आतंकी कैंपों पर सटीक हमले किए। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी हमले का जवाब दिया और उसके एयरबेस को निशाना बनाया।
Updated on:
01 Jan 2026 11:38 am
Published on:
01 Jan 2026 11:37 am
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