
न्यूयॉर्क में भारतवंशी मेयर ज़ोहरान ममदानी कुरान पर हाथ रख कर शपथ लेते हुए।( फोटो: X / AI)
Muslim Mayor: सारी दुनिया जब न्यू ईयर मना रही थी औरहैप्पी न्यू ईयर की आवाजें गूंज रही थीं,तब यूएस ने एक नया इतिहास रच दिया। न्यूयॉर्क शहर ने नया साल ऐतिहासिक पल (Historic Swearing-In) के साथ शुरू किया। 34 साल के भारतवंशी जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने 1 जनवरी 2026 को न्यूयॉर्क के 112वें मेयर (Muslim Mayor) के रूप में शपथ ली। वे शहर के पहले मुस्लिम, पहले दक्षिण एशियाई मूल के और एक सदी से अधिक समय में सबसे कम उम्र के मेयर बन गए हैं। यह जीत अमेरिकी राजनीति में विविधता और बदलाव की नई मिसाल है। नए साल की आधी रात बीतते ही जोहरान ममदानी (New York Mayor) ने एक निजी समारोह में मेयर पद की शपथ ग्रहण की। यह आयोजन मैनहट्टन के पुराने सिटी हॉल सबवे स्टेशन पर हुआ, जो 1945 से बंद पड़ा है और अब केवल विशेष टूर के लिए खुलता है। यह स्टेशन 1904 में बना था और न्यूयॉर्क के विकास का प्रतीक माना जाता है।
शपथ दिलाने वाली न्यूयॉर्क स्टेट की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स थीं, जिन्हें ममदानी अपनी राजनीतिक प्रेरणा मानते हैं। समारोह में ममदानी की पत्नी, कलाकार रामा दुवाजी, उनके माता-पिता – मशहूर फिल्ममेकर मीरा नायर और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर महमूद ममदानी – मौजूद रहे। ममदानी ने कुरान पर हाथ रख कर शपथ ली, जो अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में एक अनोखा पल है।
शपथ के बाद ममदानी ने कहा, “यह जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है।” शाम को एक बड़ी पब्लिक सेरेमनी का आयोजन होगा, जहां हजारों लोग जश्न मनाएंगे।
जोहरान ममदानी का भारत से गहरा रिश्ता है। उनकी मां मीरा नायर भारतीय मूल की प्रसिद्ध फिल्म डायरेक्टर हैं, जिनकी फिल्में जैसे 'सलाम बॉम्बे', 'मानसून वेडिंग' और 'द नेमसेक' दुनिया भर में मशहूर हैं। पिता महमूद ममदानी युगांडाई शिक्षाविद हैं, जिनके पूर्वज भारतीय थे। जोहरान का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा के कंपाला में हुआ। वे सात साल की उम्र में परिवार के साथ न्यूयॉर्क पहुंचे।
उन्होंने न्यूयॉर्क के पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई की, ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से ग्रेजुएशन किया और बोडॉइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में डिग्री ली। राजनीति में आने से पहले वे हाउसिंग काउंसलर के रूप में काम करते थे, जहां गरीब परिवारों को घर बचाने में मदद करते थे।
ममदानी 2017 में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका से जुड़े। 2020 में वे न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य बने और क्वींस के एस्ट्रोरिया इलाके का प्रतिनिधित्व किया। 2025 के चुनाव में उन्होंने डेमोक्रेटिक प्राइमरी में पूर्व गवर्नर एंड्रू कुओमो को हरा कर सबको चौंका दिया। नवंबर में जनरल इलेक्शन जीतकर वे मेयर बने।
उनकी जीत में युवा वोटर्स की बड़ी भूमिका रही। वे शहर में किराया फ्रीज, फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बच्चों की मुफ्त देखभाल जैसे मुद्दों पर फोकस करते हैं।
ममदानी की शपथ और जीत पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। कई लोग इसे विविधता की जीत बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक बदलाव का संकेत मान रहे हैं। मुस्लिम कम्युनिटी में खुशी की लहर है, जबकि कुछ कंजर्वेटिव यूजर्स आलोचना कर रहे हैं। कुल मिलाकर, यह घटना अमेरिका की बहुसांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती नजर आ रही है।
ममदानी के सामने शहर की महंगाई, हाउसिंग क्राइसिस और पब्लिक सेफ्टी जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। उनकी सोशलिस्ट नीतियां कई लोगों को पसंद हैं, लेकिन कुछ बिजनेस लीडर्स चिंतित हैं। फिर भी, उनकी युवा ऊर्जा और नए आइडियाज से न्यूयॉर्क को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ममदानी और यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप में बनती नहीं है और दोनों एक दूसरे के खिलाफ बयान देते रहते हैं। अब जब ममदानी ने मेयर पद की शपथ ले ली है तो ट्रंप के लिए यह झटका है। बहरहाल,यह घटना न सिर्फ न्यूयॉर्क बल्कि पूरे अमेरिका के लिए एक नया अध्याय है। जोहरान ममदानी की कहानी बताती है कि सपने और मेहनत से कुछ भी संभव है।
Updated on:
01 Jan 2026 01:37 pm
Published on:
01 Jan 2026 01:36 pm
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