शांति वार्ता को बड़ा झटका लगा। लेबनान के राष्ट्रपति ने बातचीत से किया इनकार। सरकार ने साफ किया कि जब तक हमला नहीं रुकेगा, बातचीत नहीं होगी। उधर इजराइली सेना ने मुख्य पुल तोड़कर रसद रोक दी है।
Lebanon–Israel War: मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव के बीच लेबनान और इजराइल के संबंध एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही के दिनों में देशों के बीच बातचीत होने की खबरें सामने आई थीं, जिससे उम्मीद जगी थी कि स्थिति में सुधार हो सकता है। लेकिन अब यह खबर सामने आई है कि लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ खलील ने इजराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बातचीत करने से इनकार कर दिया है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों को बड़ा झटका लगा है।
लेबनान के अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि वे तब तक किसी भी तरह की आगे की बातचीत नहीं करेंगे जब तक इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर लागू नहीं हो जाता। एक अधिकारी ने बताया, “हमने अमेरिका से कहा है कि हम अभी उस कदम के लिए तैयार नहीं हैं।” यह बयान दर्शाता है कि लेबनान फिलहाल सुरक्षा हालात को प्राथमिकता दे रहा है। लगातार जारी हमलों और सीमा पर तनाव के कारण सरकार किसी भी राजनीतिक बातचीत को जोखिम भरा मान रही है।
इस घटनाक्रम से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि लेबनान और इजराइल के नेता ऐतिहासिक बातचीत करने वाले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस संभावित वार्ता का जिक्र किया था, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इसी बीच वॉशिंगटन डीसी में दोनों देशों के बीच चार दशक बाद पहली बार सीधे संवाद भी हुए थे, जिसने उम्मीदें बढ़ा दी थीं। लेकिन जमीनी हालात ने इन उम्मीदों को कमजोर कर दिया।
वार्ता की संभावनाओं के बीच भी दक्षिणी लेबनान में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इजराइली सेना ने लितानी नदी पर बने एक महत्वपूर्ण पुल को नष्ट कर दिया, जिससे हजारों लोगों के लिए जरूरी सप्लाई रूट बाधित हो गया। इसके अलावा सैदा और टायर शहरों को जोड़ने वाला कासमियेह ब्रिज भी एयरस्ट्राइक में पूरी तरह तबाह हो गया। वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैनिकों के साथ सीधी झड़प की है।