
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच 7 अक्टूबर को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। हमास ने इज़रायल पर करीब 5,000 रॉकेट्स दागे थे और घुसपैठ करते हुए भी कई लोगों को मारने के साथ ही 200 से ज़्यादा लोगों को बंधक भी बना लिया था। इज़रायल पर हमास के हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इज़रायली सेना ने भी हमास से बदला लेने के लिए गाज़ा (Gaza) और आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों पर हमले शुरू कर दिए। इज़रायली हमलों से गाज़ा और आसपास तबाही का मंज़र छा गया। जान-माल का भारी नुकसान होने लगा।
हालांकि 24 नवंबर से युद्ध पर पहले 4 दिन के लिए, फिर 2 दिन और फिर 1 दिन यानी कि एक हफ्ते का विराम ज़रूर लगा और उस दौरान सीज़फायर का पालन भी किया गया पर एक हफ्ते के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। इज़रायली सेना ने युद्ध विराम खत्म होते ही गाज़ा के साथ ही आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों पर फिर से हमले शुरू कर दिए। इस युद्ध की वजह से अब तक 23 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। युद्ध के बीच इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने हाल ही में गाज़ा पर कब्ज़े के बारे में एक बड़ा बयान दिया।
गाज़ा पर कब्ज़े का नहीं है इरादा
नेतन्याहू ने कहा कि गाज़ा पर कब्ज़ा करने का उनका कोई इरादा नहीं है। नेतन्याहू ने यह बात साफ कर दी कि उनका लक्ष्य सिर्फ हमास का खात्मा है और इसके लिए वह गाज़ा पर कब्ज़ा नहीं करना चाहते और न ही इस बारे में पहले कभी सोचा था। इससे पहले भी नेतन्याहू कह चुके हैं कि गाज़ा पर कब्ज़ा करने का उनका कोई इरादा नहीं है।