
Israel West Bank Latest News: गाजा में छिड़ी जंग के बीच अब कब्जे वाले वेस्ट बैंक में भी स्थिति तेजी से विस्फोटक होती जा रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि उनकी सरकार वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के साथ जारी एक संयुक्त बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों को उग्रवाद के खिलाफ 'पूर्ण शक्ति' और स्वतंत्रता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेतन्याहू के इस बयान के बाद इजराइली सेना (IDF) ने उत्तरी वेस्ट बैंक में अपनी तैनाती बढ़ा दी है और नाबलुस शहर सहित आसपास के इलाकों की घेराबंदी तेज कर दी है।
हाल ही में वेस्ट बैंक के 'टेल' गांव और 'हवात गिलाद' बस्ती के पास इजराइली बस्तियों के निवासियों और स्थानीय फलस्तीनियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।
भारी नुकसान: इस मुठभेड़ और गोलाबारी में 4 फलस्तीनियों और 2 इजराइली सैनिकों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
कर्फ्यू और छापेमारी: घटना के तुरंत बाद इजराइली बलों ने पूरे इलाके को सील कर कर्फ्यू लगा दिया और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए नाबलुस के अस्पतालों तक में छापेमारी की।
सैनिकों की छुट्टियां रद्द: इजराइली सैन्य कमान ने वेस्ट बैंक में तैनात जवानों की छुट्टियां रद्द करते हुए अतिरिक्त बटालियनों को मोर्चे पर भेज दिया है।
नेतन्याहू सरकार ने सिर्फ सैन्य अभियान का ही ऐलान नहीं किया है, बल्कि इलाके में इजराइली बस्तियों (Outposts) के तेजी से विस्तार और उन्हें कानूनी मान्यता देने की प्रक्रिया को गति देने का फैसला किया है। इसके साथ ही संदिग्धों के घरों को ध्वस्त करने और काम करने के परमिट रद्द करने जैसे सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं।
इजराइल की दक्षिणपंथी सरकार के मंत्रियों की बयानबाजी ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्विर जैसे नेताओं ने फलस्तीनी इलाकों में गाजा जैसी कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वेस्ट बैंक में इजराइल की इस संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने पर सैन्य ऑपरेशन शुरू होता है, तो यह पूरे मध्य पूर्व में पहले से जारी अस्थिरता को और गहरा कर सकता है।
फलस्तीनी अधिकारियों और क्षेत्रीय मुस्लिम देशों ने इजराइल के इस रुख की कड़े शब्दों में निंदा की है और चेतावनी दी है कि बस्तियों का विस्तार और सैन्य दबाव इस क्षेत्र को हिंसा के कभी न खत्म होने वाले दु्र्चक्र में धकेल देगा।