
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश हुई, जिसमें 7 की मौत हुई, 20 घायल हुए। (Photo- IANS)
Pakistan Punjab rains: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश का कहर जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान वर्षा जनित घटनाओं में दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी डॉन अखबार ने प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के हवाले से दी है। मूसलाधार बारिश के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और पशुधन का भी नुकसान हुआ है।
डॉन अखबार के अनुसार, पीडीएमए की रिपोर्ट में बताया गया है कि शनिवार दोपहर 2 बजे तक पूरे पंजाब में बारिश से संबंधित 14 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें इमारतें ढहने और डूबने से हुई मौतें, छत गिरने तथा करंट लगने से घायल होने की घटनाएं, सात मकानों की छतों का ढहना और पांच भैंसों की मौत शामिल है।
पीडीएमए मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए महानिदेशक उमर अब्बास ने बताया कि इस मानसून सीजन में अब तक पंजाब में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 183 लोग घायल हुए हैं। डॉन के अनुसार, उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुराने हो चुके विद्युत ढांचे की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
इस बीच, लगातार हो रही भारी बारिश और कई नालों के उफान पर आने से पाकिस्तान के पंजाब के बड़े इलाके जलमग्न हो गए हैं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 24 घंटों में रावी और चिनाब नदियों का जलस्तर मध्यम से उच्च बाढ़ स्तर तक पहुंचने की आशंका है।
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में मानसून के दौरान भारी तबाही देखने को मिली है। वर्ष 2022 में आई अभूतपूर्व बाढ़ में 1,700 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, लाखों लोग विस्थापित हुए थे और देश को लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था।
वर्ष 2025 में भी पाकिस्तान को भीषण बाढ़ संकट का सामना करना पड़ा था। लगातार मानसूनी बारिश, अचानक आई बाढ़ और ग्लेशियल झीलों के फटने (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट) की घटनाओं के कारण 800 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। इस आपदा ने कई समुदायों को तबाह कर दिया, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया और आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया। अनुमान है कि इससे 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक का नुकसान हुआ।
पाकिस्तान में जून से सितंबर के बीच नियमित रूप से मानसून के कारण बाढ़ आती है, जिससे अक्सर भूस्खलन, बुनियादी ढांचे को नुकसान और बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन होता है। घनी आबादी वाले और खराब जल निकासी वाले क्षेत्रों में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखा जाता है।
Updated on:
26 Jul 2026 02:30 pm
Published on:
26 Jul 2026 02:29 pm
