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‘अरब पार्टियों पर बैन, अब इजरायल को सैन्य मदद बंद करो’, चुनाव आयोग के फैसले पर बोले अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स

Bernie Sanders: इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा दो प्रमुख अरब दलों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अमेरिका से इजरायल को दी जाने वाली सभी सैन्य सहायता तत्काल बंद करने की मांग की है।
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Sep 29, 2026
Bernie Sanders Israel Military Aid Arab Parties Ban
अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स (फोटो सोर्स - @SenSanders/एआई)

Bernie Sanders Israel Military Aid Arab Parties Ban: इजरायल में दो प्रमुख अरब राजनीतिक दलों को आगामी चुनाव से बाहर किए जाने के फैसले पर अमेरिका के सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिकी सरकार से इजरायल को दी जाने वाली सैन्य मदद बंद करने की मांग की है। सैंडर्स ने कहा कि अगर इजरायल के अरब नागरिकों को संसद में प्रतिनिधित्व का अधिकार नहीं मिलता है तो यह गंभीर स्थिति है।

सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी सहयोगी ऐसा इजरायल चाहते हैं, जहां करीब 20 प्रतिशत आबादी वाले फिलिस्तीनी नागरिकों की कोई राजनीतिक आवाज न हो। उन्होंने कहा अब अमेरिका को इजरायल को सैन्य मदद देना बंद कर देना चाहिए।

दो प्रमुख अरब दलों पर चुनाव लड़ने से रोक

इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति ने सितंबर में दो प्रमुख अरब बहुल राजनीतिक समूहों राम (Ra'am) और जॉइंट लिस्ट (Joint List) को आगामी संसदीय चुनाव में हिस्सा लेने से रोकने के पक्ष में मतदान किया था। जॉइंट लिस्ट में हदाश, ताआल और बालाद जैसे दल शामिल हैं। राम का नेतृत्व मंसूर अब्बास करते हैं।

इन दोनों दलों को बाहर किए जाने से इजरायल के फिलिस्तीनी नागरिकों के लिए संसद यानी नेसेट में उनके प्रमुख राजनीतिक प्रतिनिधित्व के विकल्प प्रभावित हो सकते हैं। इजरायल में फिलिस्तीनी नागरिक आबादी का करीब पांचवां हिस्सा हैं।

हालांकि, यह फैसला अभी अंतिम नहीं है। दोनों राजनीतिक सूचियां केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं। वहीं, उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने से जुड़े फैसलों की भी अदालत में समीक्षा होनी है। इजरायल का अगला संसदीय चुनाव 27 अक्टूबर को होना है।

किस आधार पर हुआ फैसला?

केंद्रीय चुनाव समिति में इन दलों और कुछ उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने के लिए इजरायल के कानून का हवाला दिया गया। इस कानून के तहत किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को चुनाव से बाहर किया जा सकता है अगर उस पर इजरायल को यहूदी और लोकतांत्रिक राज्य के रूप में न मानने, नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देने या इजरायल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का समर्थन करने जैसे आरोप साबित हों।

राम और जॉइंट लिस्ट ने इन आरोपों को राजनीतिक कार्रवाई बताया है। दोनों पक्षों की ओर से अदालत में फैसले को चुनौती देने की बात कही गई है। कानूनी संगठन अदाला ने भी इन आरोपों पर आपत्ति जताई है।

पहले भी अरब दलों पर लगी रोक पलटी है

इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी अरब दलों और उम्मीदवारों को चुनाव से बाहर करने के कुछ फैसलों को पलटा है। अल जजीरा के मुताबिक, वर्ष 2022 में बालाद को चुनाव से बाहर करने के केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था। इसलिए इस बार भी अंतिम फैसला अदालत की समीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगा।

इजरायल को सैन्य मदद रोकने की मांग पहले भी कर चुके हैं सैंडर्स

बर्नी सैंडर्स लंबे समय से इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता देने का विरोध करते रहे हैं। अप्रैल 2026 में भी उन्होंने अमेरिकी सैन्य मदद बंद करने की मांग की थी। उन्होंने अमेरिकी सीनेट में इजरायल को हथियारों की बिक्री रोकने के लिए प्रस्ताव भी पेश किए थे। हालांकि, वे प्रस्ताव पारित नहीं हुए। मौजूदा मामले में सैंडर्स की ताजा प्रतिक्रिया सीधे तौर पर इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले के बाद आई है। वहीं, अरब दलों की चुनावी स्थिति पर अंतिम फैसला इजरायल के सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा के बाद होगा।

Updated on:
29 Sept 2026 10:14 am
Published on:
29 Sept 2026 10:14 am