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Big Breaking : यूक्रेन ने PM Modi के दौरे से पहले पलट दी बाजी! पुतिन पर भारी पड़ रहे ज़ेलेंस्की,रूस के 92 ठिकानों पर किया कब्ज़ा

Big Breaking : रूस यूक्रेन युद्ध के चलते सारी दुनिया समझ रही है कि यूक्रेन रूस से हार रहा है, लेकिन यूक्रेन ने बाजी पलट दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेनी सेना ने पश्चिमी रूस के कुर्स्क क्षेत्र में 92 बस्तियों पर नियंत्रण कर लिया है।
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Updated: 20 Aug 2024, 1:34 PM IST
modi putin zelensky
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Big Breaking: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) के यूक्रेन दौरे से ठीक पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Zelensky) ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि यूक्रेनी सैनिकों ने 1,250 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा रूसी क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है।

अभियान जारी

उन्होंने कहा, "हमारे देश के सुमी क्षेत्र के ठीक सामने रूसी सीमा क्षेत्र को रूस की सेना से लगभग पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना कुर्स्क क्षेत्र में कई जगहों पर अपना सैन्य अभियान जारी रखे हुए है।

कब्ज़ा करने में दिलचस्पी नहीं

पिछले हफ़्ते, यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार मायखाइलो पोडोल्याक ने कहा था कि रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन का अभियान दोनों देशों के बीच संभावित शांति वार्ता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन रूसी क्षेत्रों पर कब्ज़ा करने में दिलचस्पी नहीं रखता। हालांकि, इसके जवाब में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ( Putin) ने कहा था कि रूस की सीमा पर यूक्रेन के हमलों का "उचित जवाब" दिया जाएगा। रूसी सेना का पहला काम कुर्स्क क्षेत्र से यूक्रेनी सेना को हटाना है।

यूक्रेन से बातचीत संभव नहीं

यूक्रेन ने 6 अगस्त को कुर्स्क क्षेत्र में सैन्य अभियान शुरू किया था। वहीं 15 अगस्त को यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ अलेक्सांद्र सिरस्की ने कहा कि उनकी सेना ने इस क्षेत्र में 92 बस्तियों पर कब्जा कर लिया है। उधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस के सीमावर्ती कुर्स्क क्षेत्र पर हमले के बाद यूक्रेन के साथ बातचीत संभव नहीं है।

बातचीत असंभव

स्थानीय मीडिया के साथ एक साक्षात्कार में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, "राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कुर्स्क क्षेत्र पर हमलों के बाद, बातचीत असंभव है। इस बीच, उन्होंने उन आरोपों का खंडन किया कि दोनों देशों ने किसी तीसरे देश से मध्यस्थता के लिए संपर्क किया है, और इसे कोरी अफवाह बताया।

रूस के लिए अस्वीकार्य

लावरोव ने यह भी संकेत दिया कि स्विट्जरलैंड में यूक्रेन पर सम्मेलन की पूरी प्रक्रिया रूस के लिए अस्वीकार्य है, क्योंकि यह ज़ेलेंस्की के फॉर्मूले को बढ़ावा देने के बारे में है।"

Updated on:
20 Aug 2024, 1:34 PM IST
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