
Black Sea Attacks: ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए समुद्री हिंसा को तुरंत रोकने की मांग की है। भारत का कहना है कि इससे आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय नाविकों की जान को सीधा खतरा है। मंत्रालय ने औपचारिक बयान में टोगो के झंडे वाले 'अल्फा वतन', पलाऊ के झंडे वाले 'एबल' और लाइबेरिया के झंडे वाले ऑयल टैंकर 'अफ्रामैक्स रियो' पर हुए हमलों की जानकारी दी। इन हमलों से दर्जनों भारतीय क्रू मेंबर गंभीर खतरे में पड़ गए थे।
मंत्रालय के मुताबिक 'एबल' पर कुल 18 क्रू मेंबर थे, जिनमें 7 भारतीय नागरिक शामिल हैं। हमले में एक भारतीय नाविक घायल हुआ। बुल्गारिया के अधिकारियों की मदद से सभी क्रू मेंबर को सुरक्षित निकालकर वर्ना शहर में रखा गया है, जहां घायल का जरूरी इलाज चल रहा है। भारत ने बुल्गारिया के अधिकारियों को उनकी बहुमूल्य मदद के लिए धन्यवाद दिया।
लाइबेरिया के झंडे वाले 'अफ्रामैक्स रियो' टैंकर पर हुए अलग हमले के बाद उस पर सवार सभी 23 भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि 'अल्फा वतन' के क्रू की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि वह जानकारी का इंतजार कर रहा है और भारतीय अधिकारी लगातार अपडेट पर नजर रखे हुए हैं।
इससे पहले दिन में हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने समुद्री सुरक्षा खतरों में चिंताजनक बढ़ोतरी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में इस इलाके में व्यापारिक जहाजों से जुड़ी चार अलग-अलग घटनाएं हुईं।
पहली घटना 'MV रोयाद मम्मादोव' पर हमले की थी, जिस पर तीन भारतीय नागरिक सवार थे। सभी सुरक्षित हैं, लेकिन एक घायल है और उसका इलाज चल रहा है। दूसरे जहाज़ 'अल्फा वतन' पर कल हमला हुआ और उसके क्रू की अब तक कोई जानकारी नहीं है। पलाऊ के झंडे वाले 'MV ABLE' को ड्रोन से निशाना बनाया गया, पर उसके सभी 18 क्रू सदस्य बचा लिए गए। चौथा जहाज़ ऑयल टैंकर 'अफ्रामैक्स रियो' था, जिसके सभी 23 क्रू सदस्य भारतीय थे और सभी बचा लिए गए।
क्षेत्रीय अस्थिरता की मूल वजह दूर करने की कोशिशों के तहत विदेश मंत्रालय ने मॉस्को और कीव, दोनों के साथ नई दिल्ली के लगातार बातचीत के चैनलों पर जोर दिया। गौरतलब है कि शुरुआत के बाद से ही ब्लैक सी में कमर्शियल समुद्री ट्रैफिक पर लगातार हमले हो रहे हैं।