
अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के सत्ता में लौटने के बाद हालात काफी बिगड़ गए हैं। हालांकि खराब हालातों के बावजूद लोगों को उम्मीद थी कि देश में बम धमाकों और आतंकी हमलों के मामलों में कमी आएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अफगानिस्तान में अभी भी आए दिन ही इस तरह के मामले सामने आते हैं। रविवार को देश में इसी तरह का एक और मामला देखने को मिला। रविवार को अफगानिस्तान के पकतिया (Paktia) प्रांत के दंड पाटन (Dand Patan) जिले के हसन खिल (Hasan Khil) गांव में धमाका हुआ, जिससे हड़कंप मच गया।
गांववासियों ने बताया कि बच्चे जब खेल रहे थे, तब अचानक से ही उनका पैर पास में एक चीज़ पर पड़ गया। इससे जोर का धमाका हुआ और चीखपुकार मच गई।
गांववासियों के अनुसार धमाके में 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। चार अन्य बच्चे इस धमाके में घायल हो गए, जिन्हें पकतिया के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चारों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
तालिबान की स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। गांववासियों का दावा है कि धमाका जानबूझकर लगाई गई खदान से हुआ। वहीं दूसरी ओर तालिबान की प्रांतीय पुलिस ने इस घटना के लिए बचे हुए युद्ध के हथियारों को जिम्मेदार ठहराया, जो पूरे अफ़गानिस्तान के ग्रामीण इलाकों में खतरे का कारण बने हुए हैं।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में अभी भी लैंड माइंस और युद्ध के अन्य विस्फोटक अवशेष की भरमार हैं, जिनमें से कई दशकों पुराने हैं। बच्चों की इनसे काफी खतरा रहता है, क्योंकि अक्सर ही वो खतरनाक वस्तुओं को खिलौने समझ लेते हैं।
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