पाकिस्तान में आए दिन ही आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। सोमवार को एक बार फिर पाकिस्तान बम धमाकों और गोलीबारी से दहल उठा, जिससे कई लोगों की लाशें बिछ गईं।
पाकिस्तान (Pakistan) में आतंकवाद (Terrorism) इतना ज़्यादा फैल चुका है कि आए दिन ही कहीं न कहीं आतंकी हमलों के मामले सामने आते रहते हैं। बम धमाकों (Bomb Blasts) और गोलीबारी (Gunfire) की घटनाएं पाकिस्तान में काफी सामान्य हैं और अक्सर ही इस तरह के मामले देखने को मिलते हैं। सोमवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में अलग-अलग जगहों पर दो बम धमाकों के मामले देखने को मिले। इसके साथ ही पुलिस और उग्रवादियों में भी जमकर गोलियाँ चलीं।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सोमवार को बन्नू जिले में एक पुलिस स्टेशन के गेट के पास खड़ी मोटरसाइकिल में धमाके में 2 लोगों की मौत हो गईं। बाद में बाजौर जिले में एक सुरक्षा जांच चौकी की ओर ले जाते समय विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी में धमाका हो गया। इस धमाके में 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं पुलिस और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी में 3 पुलिसकर्मियों और 3 उग्रवादियों की मौत हो गई।
बम धमाकों और गोलीबारी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई उग्रवादी भी इस दौरान घायल हो गए। दूसरे बम धमाके की वजह से आसपास के कुछ घरों की दीवारें भी ध्वस्त हो गईं।
पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत देश में आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत है। खैबर पख्तूनख्वा की बॉर्डर अफगानिस्तान से लगती है और आए दिन ही प्रांत में आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें ज़्यादातर सेना और पुलिस को निशाना बनाया जाता है।