विदेश

ब्रिटेन ने दिया अमेरिका को झटका, ईरान पर हमलों के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर लगाया बैन

Iran-US Israel War: ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटेन ने झटका दे दिया है। कैसे? आइए नज़र डालते हैं।

2 min read
Apr 07, 2026
Keir Starmer

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel) का आज 39वां दिन है और अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की जारी की हुई डेडलाइन जल्द ही खत्म होने वाली है। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की डेडलाइन दी है और धमकी दी है कि अगर डेडलाइन खत्म होने से पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने और युद्ध खत्म करने के लिए सीज़फायर समझौता मानने पर ग्रीन सिग्नल नहीं दिया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने इस सीज़फायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान इस युद्ध का स्थायी अंत चाहता है। अमेरिका के युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) ने भी ईरान को बड़ी धमकी दी है। हेग्सेथ ने कहा है कि आज ईरान पर सबसे बड़ा हमला होगा। हालांकि इसी बीच अब ट्रंप को एक बड़ा झटका लगा है।

ये भी पढ़ें

ट्रंप की धमकी पर मोजतबा खामेनेई का पलटवार – ‘ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़रायल की साजिशें नहीं होंगी कामयाब’

ब्रिटेन का बड़ा फैसला

ब्रिटेन (Britain) के पीएम कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए अमेरिका को ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर हमले के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया है। ब्रिटिश पीएम ने साफ कर दिया है कि उनके देश की रॉयल एयर फोर्स - आरएएफ (Royal Air Force - RAF) के ठिकानों का इस्तेमाल सिर्फ रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए ही सीमित रहेगा और ईरान में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों के लिए अमेरिका को इन ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नाटो पर फिर भड़के ट्रंप

इसी बीच ट्रंप एक बार फिर (NATO) पर भड़क उठे हैं। ईरान के खिलाफ युद्ध में नाटो की तरफ से सहयोग न मिलने पर नाराज़गी जताते हुए ट्रंप ने कहा, "हम नाटो के पास मदद के लिए गए थे। हमने ज़्यादा जोर देकर मदद नहीं मांगी। सिर्फ इतना ही कहा कि अगर आप हमारी मदद करते हो तो काफी अच्छा होगा। लेकिन नाटो ने हमारी मदद नहीं की। नाटो 'कागजी शेर' है और रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी नाटो से नहीं डरते।"

ये भी पढ़ें

‘एक रात में ईरान को कर देंगे तबाह’, ट्रंप की धमकी पर ईरानी सेना का पलटवार – ‘नहीं पड़ेगा कोई असर’

Also Read
View All