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इनसाइट UK की रिपोर्ट पर बवाल: ब्रिटिश MP बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान में हिंदू उत्पीड़न पर सरकार से मांगा जवाब

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने UK सरकार से पूछा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इनसाइट UK की रिपोर्ट में हिंदुओं की भयावह स्थिति का ब्योरा है।
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Updated: 31 Oct 2026, 9:24 PM IST
Insight UK report
पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार: ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने उठाई आवाज, Photo- IANS

Pakistan Hindu Persecution: UK की कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान में हिंदुओं पर लगातार बढ़ रहे अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से यह बताने को कहा है कि दक्षिण एशियाई देश में उत्पीड़न का सामना कर रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 'ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) फॉर ब्रिटिश हिंदूज' को हाल ही में 'इनसाइट UK' (Insight UK) नामक एक संस्था से एक रिपोर्ट मिली है, जिसमें पाकिस्तान में हिंदुओं की भयावह स्थिति का विवरण दिया गया है।

पाकिस्तान में हिंदूओं के हालात चिंताजनक

हाउस ऑफ कॉमन्स में बोलते हुए, ब्लैकमैन ने कहा कि, "हालांकि, पाकिस्तान में रह रहे हिंदू इस समय गंभीर संकट में हैं। 'ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप फॉर ब्रिटिश हिंदूज' को पिछले हफ्ते ही 'इनसाइट UK' से पाकिस्तान में हिंदुओं की दुर्दशा पर एक रिपोर्ट मिली है, जिसे पढ़ना भी भयावह है। मैं सदन के नेता से आग्रह करता हूं कि वे विदेश मंत्री या विदेश कार्यालय के किसी मंत्री को सदन में बुलाएं। वे हमें बताएं कि सरकार अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के लिए क्या कर रही है—न केवल हमारे देश में (जो कि सही भी है), बल्कि उन देशों में भी जहां इन समुदायों का बुरी तरह उत्पीड़न किया जा रहा है।"

अतंरराष्ट्रीय समुदाय ने मूंदी आंखें

'इनसाइट UK' ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में हिंदुओं को सुनियोजित तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इस्लामी चरमपंथियों ने इस समुदाय, उनके पूजा स्थलों और उनकी आजीविका को निशाना बनाया है, जबकि पाकिस्तानी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर आंखें मूंद रखी हैं। समूह ने कहा, “इस्लामी चरमपंथ और उग्रवादी हिंसा के प्रसार ने न केवल अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के ताने-बाने के लिए भी खतरा पैदा कर दिया है। अपने हिंदू नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल रहने के कारण, पाकिस्तान के कट्टरपंथ के चक्र में और गहरे धंसने का खतरा है। पाकिस्तान में हो रहे अत्याचारों को देखते हुए, वहां बचे धार्मिक अल्पसंख्यकों को पूरी तरह से मानवीय संकट से बचाने के लिए तत्काल वैश्विक स्तर पर जांच की आवश्यकता है।”

Updated on:
31 Oct 2026, 9:24 PM IST
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