
Canada PR News: कनाडा में वर्क परमिट या पढ़ाई के बाद काम करने की अनुमति लेकर रह रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कनाडा सरकार ने देश में पहले से मौजूद अधिकतम 2 लाख अस्थायी निवासियों को स्थायी नागरिकता (PR) देने के लिए विशेष योजना बनाई है। इस प्रक्रिया को 2027 के अंत तक पूरा किया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन भारतीयों को मिल सकता है, जो एक्सप्रेस एंट्री या प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम के जरिए PR पाने की पात्रता रखते हैं। हालांकि, यह योजना भारत से नए आवेदन करने वालों के लिए नहीं है
सरकार ने इस योजना के तहत 2 लाख अवसरों को दो मुख्य हिस्सों में बांटा है-
1 लाख अवसर (कामगारों और उनके परिवारों के लिए):
इसका पहला आधा हिस्सा (1 लाख स्थान) उन अस्थायी कामगारों के लिए आरक्षित रहेगा जो एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) या प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम (PNP) की शर्तों को पूरा करते हैं। इसमें कामगारों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे।
1 लाख अवसर (मानवीय और पारिवारिक आधार पर):
दूसरा 1 लाख का हिस्सा परिवार पुनर्मिलन (Family Reunification), मानवीय आधार और कनाडा में रह रहे नागरिकों के जीवनसाथी या आश्रित बच्चों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए रखा गया है।
कनाडा में अस्थायी विदेशी कामगारों और छात्रों में एक बहुत बड़ी संख्या भारतीयों की है। पिछले कुछ समय से आवास की कमी और महंगाई के कारण आव्रजन नियमों में की गई सख्ती के कारण कई भारतीय युवा मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। चूंकि यह योजना कनाडा में पहले से मौजूद लोगों को प्राथमिकता देती है, इसलिए जो भारतीय कामगार एक्सप्रेस एंट्री पूल में शामिल हैं या प्रांतीय स्तर पर नामांकित होने की स्थिति में हैं, उनके लिए स्थायी नागरिकता (PR) हासिल करना अब काफी आसान हो सकता है।
इस प्रक्रिया में कनाडा के विभिन्न प्रांतों की भूमिका बेहद अहम होगी। प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम (PNP) के जरिए उन कामगारों को प्राथमिकता दी जाएगी जो स्थानीय श्रम बाजार की कमी को पूरा कर सके। विशेष तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में काम कर रहे युवाओं के लिए यह योजना बेहद मददगार साबित होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य नए आव्रजकों की संख्या को नियंत्रित रखते हुए, उन लोगों को कनाडा के समाज में स्थायी रूप से एकीकृत करना है जो पहले से वहां रहकर योगदान दे रहे हैं।
इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने साफ किया है कि यह कोई 'ओपन इनविटेशन' नहीं है। यह सिर्फ एक सीमित समय का कदम है ताकि कनाडा में पहले से मौजूद चुनिंदा और पात्र लोगों के पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाया जा सके। पात्रता के विस्तृत नियम, भाषा की शर्तें और जॉब लिस्ट की आधिकारिक जानकारी जल्द जारी होगी।
जहां एक तरफ इस फैसले से भारतीय समुदाय में खुशी का माहौल है, वहीं कनाडा की राजनीति में इसको लेकर बहस छिड़ गई है। विपक्ष की कंजर्वेटिव पार्टी ने इस योजना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे कम वेतन देने वाले नियोक्ताओं को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कनाडाई युवाओं के रोजगार के अवसरों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि श्रम बाजार की जरूरतों को संतुलित करने के लिए विदेशी कामगार कार्यक्रमों में आवश्यक सुधार जारी रहेंगे।