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केरल में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस में रचा इतिहास, करेन बैस को हराकर बनी शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर

Nithya Raman: केरल में जन्मी नित्या रमन लॉस एंजिल्स मेयर चुनाव में करेन बास को पीछे छोड़कर शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर बनने जा रही हैं।
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भारत

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Pratiksha Gupta

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Updated: 5 Nov 2026, 12:07 PM IST

Los Angeles Mayor Nithya Raman

नित्या रमन ने जीता लॉस एंजिल्स मेयर का चुनाव (फोटो सोर्स- ANI)

Los Angeles Mayor Election 2026: अमेरिका के कैलिफोर्निया में लॉस एंजिल्स मेयर चुनाव में भारतीय मूल की नित्या रमन ने इतिहास रच दिया है। चुनावी नतीजों के अनुसार, उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बास को पीछे छोड़ दिया है। इस जीत के साथ नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर बनने जा रही हैं।

करेन बैस को हराकर मेयर बनी नित्या रमन

लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में नित्या रमन और मौजूदा मेयर करेन बैस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। चुनाव में शुरुआती रुझानों के दौरान करेन बैस आगे थी, लेकिन जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी, नित्या रमन ने बढ़त बना ली। चुनावी आंकड़ों के अनुसार नित्या रमन को 51.67 प्रतिशत वोट मिले, जबकि करेन बैस को 48.33 प्रतिशत वोट मिले। इस जीत के साथ नित्या ने लॉस एंजिलिस की राजनीति में नया इतिहास बनाया है। वह शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर बन गई हैं।

चुनाव प्रचार में बेघर लोगों की समस्या को बनाया बड़ा मुद्दा

नित्या रमन ने अपने चुनाव प्रचार में लॉस एंजिलिस में बढ़ती बेघर आबादी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शहर में इस समस्या से निपटने के लिए खर्च किए जा रहे करोड़ों डॉलर और प्रशासन के कामकाज पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि भारी खर्च के बावजूद बेघर लोगों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। रमन ने ऐसे शहर का वादा किया, जहां लोगों को किफायती घर मिल सकें, प्रशासन बेहतर तरीके से काम करे और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें।

टीवी डिबेट में करेन बैस को घेरा, प्रशासन पर उठाए सवाल

चुनाव से पहले हुई टेलीविजन बहस में नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बैस के कामकाज पर सवाल उठाए थे। दोनों नेताओं के बीच बेघर लोगों की समस्या, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर तीखी बहस हुई थी। 45 वर्षीय रमन ने आरोप लगाया था कि शहर का प्रशासन पिछले कुछ वर्षों में लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। उन्होंने कहा था कि लॉस एंजिलिस के लोग अब चार साल तक खराब प्रशासन और बहानेबाजी का बोझ नहीं उठा सकते। वहीं, 73 वर्षीय करेन बैस ने रमन के अनुभव पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनके पास शहर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभालने का पर्याप्त अनुभव नहीं है।

पैलिसेड्स की आग का मुद्दा उठाकर मेयर को घेरा

नित्या रमन ने चुनाव प्रचार के दौरान पिछले साल दक्षिण कैलिफोर्निया के पैलिसेड्स इलाके में लगी भीषण आग का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने कहा था कि आपदा के समय वह शहर के आपातकालीन संचालन केंद्र में मौजूद थी, लेकिन उस दौरान लोग लगातार पूछ रहे थे कि उनका मेयर कहां है। रमन ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया था कि अगर उन्हें मेयर बनने का मौका मिला तो वह संकट के समय पीछे नहीं हटेंगी। वह खुद मौके पर मौजूद रहकर लोगों की मदद करेंगी। पैलिसेड्स की आग को लेकर करेन बैस के प्रशासन की भी काफी आलोचना हुई थी।

सर्वे में भी नित्या रमन को मिली थी बढ़त

चुनाव से पहले आए एक सर्वेक्षण में नित्या रमन को करेन बैस पर 11 अंकों की बढ़त दिखाई गई थी। सर्वे के मुताबिक, 39 प्रतिशत मतदाता रमन के समर्थन में थे, जबकि 28 प्रतिशत लोगों ने करेन बैस को अपनी पसंद बताया था। हालांकि, बड़ी संख्या में मतदाता उस समय तक अपना फैसला नहीं कर पाए थे। चुनाव के दौरान मुकाबला काफी करीबी रहा और आखिरकार वोटों की गिनती में रमन ने बढ़त बना ली।

केरल से अमेरिका पहुंची, हार्वर्ड और MIT से की पढ़ाई

नित्या रमन का जन्म 28 जुलाई 1981 को केरल में हुआ था। जब वह छह साल की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका के लुइसियाना राज्य में जाकर बस गया। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल थ्योरी में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से शहरी नियोजन में मास्टर डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शहरी विकास, आवास और शहरों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर काम किया।

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