
भारतीय मूल के रंजीव पुरी बने मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर (फोटो सोर्स-@kumarsubodh_)
Michigan House Speaker: अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मध्यावधि चुनाव के बीच रंजीव पुरी मिशिगन हाउस के स्पीकर चुने गए हैं। वह इस पद पर पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं। खास बात यह है कि रंजीव पहले बराक ओबामा के 2008 और 2012 के चुनाव प्रचार अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। वहीं, ज्योत सिंह ने जॉर्जिया में जीत दर्ज कर राज्य की असेंबली पहुंचने वाले पहले सिख और पहले भारतीय-अमेरिकी बनने का रिकॉर्ड बनाया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता रंजीव पुरी को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का स्पीकर चुना गया है। इससे पहले किसी भारतीय-अमेरिकी को इस पद की जिम्मेदारी नहीं मिली थी। स्पीकर चुने जाने के बाद पुरी ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सदन के सहयोगियों की ओर से इस जिम्मेदारी के लिए चुना जाना उनके लिए सम्मान और विनम्रता का विषय है।
राजनीति में आगे बढ़ने से पहले रंजीव पुरी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुनाव प्रचार अभियानों से जुड़े थे। उन्होंने 2008 और 2012 में ओबामा के लिए प्रचार किया था। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद पुरी मिशिगन लौट आए और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम किया।
रंजीव पुरी का जन्म पंजाब से अमेरिका गए प्रवासी माता-पिता के घर हुआ था। साल 2020 में वह मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए और इस सदन में पहुंचने वाले पहले सिख-अमेरिकी बने। इसके बाद 2025 में उन्हें 110 सदस्यों वाले मिशिगन हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता बनाया गया। उस समय सदन पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। स्पीकर बनने के बाद पुरी ने अपने माता-पिता के संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि जब उनके माता-पिता अमेरिका आए थे, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उनका बेटा एक दिन इतिहास बनाएगा, पुरानी बाधाओं को पार करेगा और मिशिगन हाउस का नेतृत्व करेगा। पुरी ने इसे अमेरिका के वादे की ताकत बताया।
वहीं, इसी मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के एक और नेता ज्योत सिंह ने इतिहास बनाया है। उन्होंने 3 नवंबर को हुए चुनाव में जॉर्जिया हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के डिस्ट्रिक्ट-97 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह जॉर्जिया की जनरल असेंबली में पहुंचने वाले पहले सिख और पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। येल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुके ज्योत सिंह ने चुनाव जीतने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट-97 के लोगों और अपने समुदाय के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ज्योत सिंह को चुनाव में कुल 13,820 वोट मिले। उन्हें 68 प्रतिशत मत हासिल हुए। वहीं, रिपब्लिकन उम्मीदवार यासीन मोगाजी को 6,509 वोट मिले और वह 32 प्रतिशत मतों तक सीमित रहे। इससे पहले मई में हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में भी ज्योत सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट-97 की उम्मीदवारी के लिए जैक्स लॉरेंट को हराया था।
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Updated on:
6 Nov 2026, 9:35 AM IST
Published on:
6 Nov 2026, 8:39 AM IST
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