चीन में एक बड़ा अविष्कार हो गया है। मेडिकल साइंस के क्षेत्र में चीन के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी खोज की है।
अस्पतालों में अक्सर बच्चों, बुज़ुर्गों या गंभीर रूप से बीमार मरीजों की नसें ढूंढना डॉक्टरों और नर्सों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। गलत जगह सुई लगने से न केवल मरीज को दर्द होता है, बल्कि इलाज में भी देरी होती है। ऐसे में चीन की कंपनी वीवोलाइट की ओर से विकसित एक पोर्टेबल 'वेन फाइंडर' डिवाइस सोशल मीडिया पर सुर्खियाँ बटोर रहा है। भारत में चीन के दूतावास के प्रवक्ता द्वारा साझा की गई एक वीडियो क्लिप के बाद यह गैजेट वायरल हो गया है।
यह डिवाइस किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की तकनीक जैसा दिखता है, जो त्वचा के नीचे छिपी नसों का सटीक 'मैप' त्वचा पर ही दिखा देता है। इससे इंजेक्शन, ब्लड ड्रा और आइवी लाइन लगाने के लिए रियल-टाइम विजुअल गाइड मिल जाती है।
यह डिवाइस नियर-इंफ्रारेड लाइट तकनीक पर आधारित है। इंफ्रारेड लाइट खून और शरीर के ऊतकों के साथ अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया करती है। सिस्टम इस कंट्रास्ट के ज़रिए नसों के पैटर्न को पहचानता है और उसे प्रोसेस करके सीधे हाथ या शरीर के हिस्से पर 'प्रोजेक्ट' कर देता है। इससे डॉक्टर को किसी अलग स्क्रीन पर देखने के बजाय सीधे मरीज के अंग पर ही नसों का जाल दिखाई देने लगता है।
इस खोज से कई लोगों को फायदा मिलेगा। इमरजेंसी वॉर्ड में जहाँ समय की कमी होती है और तुरंत आइवी लाइन शुरू करनी होती है। ऐसे में इस खोज के इस्तेमाल से मदद मिल सकती है। बाल चिकित्सा में जहाँ छोटे बच्चों की पतली नसों को पहली बार में ही खोजने में दिक्कत होती है, वहाँ भी यह खोज काम आ सकती है। बुज़ुर्ग मरीजों के लिए जिनकी नसें उम्र के साथ कम पकड़ में आती हैं, उनके लिए भी इसका अच्छा इस्तेमाल हो सकता है।