China-Russia Trade Reaches New High: रूस और यूक्रेन के बीच एक साल से भी ज़्यादा समय से युद्ध चल रहा है। इस दौरान यूक्रेन को नुकसान होने के साथ ही रूस को भी भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही रूस को कई प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ा है। पर इस दौरान चीन से उसके व्यापार में रिकॉर्ड इजाफा भी देखने को मिला है।

रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच चल रहे युद्ध को एक साल से भी ज़्यादा समय हो चुका है। 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर कब्ज़ा करने के इरादे से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के आदेश पर रुसी आर्मी ने यूक्रेन में घुसपैठ करते हुए हमला कर दिया था। तब से यह युद्ध जारी है और 15 महीने से ज़्यादा समय होने के बावजूद यह युद्ध अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रहा। रुसी राष्ट्रपति का प्लान यूक्रेन पर 18 दिन में कब्ज़ा करना था, पर लगातार मिल रही इंटरनेशनल हेल्प के दम पर यूक्रेन की आर्मी अभी भी डटकर रूस की आर्मी का सामना कर रही है। इस युद्ध में यूक्रेन में भीषण तबाही के साथ ही जान-माल का भारी नुकसान तो हुआ है ही, रूस को भी इस युद्ध की वजह से काफी नुकसान हो चुका है। पर अपने एक दोस्त की वजह से रूस को काफी मदद भी मिली है।
चीन के साथ रूस के व्यापार में रिकॉर्ड इजाफा
जब से यूक्रेन के खिलाफ रूस ने जंग छेड़ी है, तब से चीन (China) ने किसी भी मौके पर रूस की इस हरकत का विरोध नहीं किया है। इतना ही नहीं, चीन ने तो रूस को हथियारों की सप्लाई तक की है। एक तरफ जहाँ इस युद्ध की वजह से रूस पर कई देशों ने कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं, वहीं चीन ने इन प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया और शुरू से रूस की मदद की है। जब से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ है, तब से चीन के साथ रूस के व्यापार में रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला है।
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पिछले महीने ज़बरदस्त व्यापार
युद्ध के दौरान रूस और चीन के व्यापारिक संबंधों में मज़बूती आई है और इसका असर दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार पर भी पड़ा है। हाल ही में सामने आए कस्टम डाटा के अनुसार दोनों देशों के बीच पिछले कुछ महीनों में ज़बरदस्त व्यापार हुआ है। अगर पिछले महीने यानी कि मई पर गौर किया जाए, तो पिछले महीने में दोनों देशों के बीच 20.5 बिलियन डॉलर्स का व्यापार हुआ है। भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू करीब 1,69,144 करोड़ रुपये है।
इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट
इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट पर गौर किया जाए, तो इस दौरान हुए 20.5 बिलियन डॉलर्स में से 11.3 बिलियन डॉलर्स के सामान का इम्पोर्ट (आयात) चीन ने रूस से और एक्सपोर्ट (निर्यात) रूस ने चीन को किया है। भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू करीब 93,227 करोड़ रुपये है। वहीं इस दौरान 9.2 बिलियन डॉलर्स का एक्सपोर्ट चीन ने रूस को और इम्पोर्ट रूस ने चीन से किया है। भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू करीब 75,887 करोड़ रुपये है।