
ताइवान (Taiwan) में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की घड़ी अब नज़दीक आ गई है। ताइवान में कल, यानी कि 13 जनवरी को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे। चुनाव की पूरी तैयारी भी हो चुकी है। सभी उम्मीदवार पूरी तरह से तैयार हैं। करीब 2 करोड़ वोटर्स चुनाव में अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए वोट देंगे। ताइवान में होने वाले चुनाव पर अमेरिका (United States Of America) की तो नज़र है ही, साथ ही चीन (China) की भी। चीन ताइवान में होने वाले चुनाव के विरोध में हैं। ऐसे में चीन ने अपनी जासूसी हरकतें फिर से शुरू कर दी हैं।
ताइवान में चुनाव से एक दिन पहले उड़े चीन के जासूसी गुब्बारें
ताइवान में चुनाव से एक दिन पहले फिर से चीन के जासूसी गुब्बारें उड़ते हुए दिखाई दिए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय की तरफ से आज जानकारी दी गई है कि पिछले 24 घंटे में ताइवान में चीन के 5 जासूसी गुब्बारें देखे गए हैं।
ताइवान की सेना हुई अलर्ट
चीन के इस कदम से ताइवान की सेना भी अलर्ट हो गई है।
जगजाहिर है चीन और ताइवान के बीच विवाद
दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। ताइवान की जनता भी अपने देश को एक स्वतंत्र देश मानती है और चीन से अलग रहना चाहती है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच विवाद की यही वजह है।
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