
Corona outbreak in North Korea : उत्तर कोरिया में कोरोना ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पूरे देश में लॉकडाउन के बाद भी लगातार कोरोना के केस और उससे होने वाली मौत का आकड़ा बढ़ता जा रहा है। आपको बता दें कि दुनिया भर में कोरोना फैलने के दो साल बाद उत्तर कोरिया में पहला केस मिला, जिसके बाद किम जोंग ने देश में इमरजेंसी घोषित करते हुए पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया है। उत्तर कोरिया ने सोमवार को कोरोना से 8 मौत की सूचना दी है जिसके बाद वहां कोरोना से मरने वालो की संख्या 50 लोग मारे गए हैं।
उत्तर कोरिया में दवा वितरित करने के लिए 24 घंटे फार्मेसियों को खोलने के आदेश दिए गए हैं जिसके विफलता के कारण सनकी तानाशाह किम जोंग ने दवा देने में फेल रहने के लिए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सेना को दवा वितरण में मदद करने के लिए आदेश दिया है। वहीं इसी बीच मानवीय सहायता के लिए दक्षिण कोरिया ने हाथ आगे बढ़ाया है।
मानवीय सहायता के लिए आगे आया दक्षिण कोरिया
कोरोना के प्रकोप से जुझ रहे उत्तर कोरिया की मदद के लिए दक्षिण कोरिया आगे आया है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सोक-यूल ने सोमवार को कहा कि वह उत्तर कोरिया की मदद करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगे। राष्ट्रपति यूं सोक-यूल ने नेशनल असेंबली में भाषण देते हुए कहा कि अगर उत्तर कोरिया हमारे समर्थन के लिए जवाब देता है, तो हम COVID-19 के टीके, चिकित्सा उपकरण, दवा व स्वास्थ्य कर्मियों सहित किसी चीज में कोई कसर नहीं छोड़ेगे।
किसी को नहीं लगी है वैक्सीन
विश्व स्वास्थ्य संगठन, रूस व चीन के द्वारा उत्तर कोरिया को वैक्सीनेशन के लिए प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उत्तर कोरिया ने खारिज कर दिया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अभी तक किसी भी उत्तर कोरियाई व्यक्ति को वैक्सीन नहीं लगी है। किसी को वैक्सीन न लगने के कारण अब उत्तर कोरिया में कोरोना को लेकर बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
पहला केस मिलते ही घोषित किया आपातकाल
उत्तर कोरिया ने कोरोना के पहले मामले की पुष्टि होने के बाद देश में आपातकाल लगा दिया है। उत्तर कोरिया ने कोरोना के केस आने के बाद "सबसे गंभीर राष्ट्रीय आपातकाल" की घोषणा करते हुए लॉकडाउन लगा दिया है। 2020 में दुनिया भर में कोरोना फैलने के बाद से उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाओं को बंद कर दिया था।