
US sanctions Cuba economy: क्यूबा की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव की कोशिश चल रही है, लेकिन अमेरिका की सख्त पाबंदियां इसे आगे बढ़ने नहीं दे रहीं। देश के विदेशी व्यापार मंत्री और डिप्टी प्राइम मिनिस्टर ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने अब बड़ा खुलासा किया है।
ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने साफ कहा है कि अमेरिकी व्यापार एम्बार्गो ही सबसे बड़ी अड़चन है। हवाना में अपने ऑफिस में बातचीत करते हुए मंत्री ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया कि ट्रंप से जुड़े कारोबारी इस साल क्यूबा आए और बिजनेस की बातें कीं। मंत्री ने बताया कि न तो उन्होंने और न किसी अन्य अधिकारी ने ट्रंप से जुड़ी किसी कंपनी के लोगों से मुलाकात की।
जून में क्यूबा सरकार ने आजादी के बाद सबसे बड़े फ्री मार्केट सुधारों का ऐलान किया था। ये सुधार अगर पूरी तरह लागू हो जाएं तो 1959 के बाद सबसे बड़ा बदलाव होगा। लेकिन मंत्री का कहना है कि आगे बढ़ने के लिए अमेरिका को अपनी सख्ती कम करनी होगी।
जनवरी में लगाए गए तेल ब्लॉकेड की वजह से मेक्सिको और वेनेजुएला जैसे पुराने सप्लायरों से तेल आना लगभग बंद हो गया है। पेरेज-ओलिवा ने साफ कहा कि क्यूबा की नीति में अमेरिकी कंपनियों को निवेश या व्यापार करने से रोकने वाली कोई बात नहीं है। असली रुकावट सिर्फ एम्बार्गो है।
वहीं अमेरिका का रुख यह है कि ये सुधार काफी नहीं हैं और देश में स्वतंत्र चुनाव होने चाहिए। इस दौरान मंत्री ने एक और बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों से कुछ क्षेत्रों में अमेरिकी निवेशकों को फायदा हो रहा है, जबकि क्यूबा के पुराने साझेदार देशों पर दबाव डाला जा रहा है कि वे संबंध तोड़ लें।
ईंधन निर्यात की एक नीति का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे क्यूबा को फिर अमेरिका पर निर्भर बनाने की कोशिश लगती है। उन्होंने साफ कहा कि देश कभी किसी की कॉलोनी नहीं बनेगा।
बता दें कि आर्थिक मुश्किलों और ट्रंप के बार-बार किए गए दावों के बावजूद क्यूबा सरकार में कोई बड़ी दरार नहीं दिख रही। निवेशक दोनों तरफ से उलझे हुए हैं।
कनाडा की शेरिट इंटरनेशनल ने निकेल-कोबाल्ट खनन प्रोजेक्ट से सीधा जुड़ाव रोक दिया है। ऑस्ट्रेलिया की एंटील्स गोल्ड भी अपनी आगे की रणनीति सोच रही है।
अमेरिकी निवेशक इन कंपनियों में रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन मंजूरी अभी नहीं मिली है। मंत्री ने कहा कि ये कंपनियां अभी पूरी तरह नहीं निकली हैं और विकल्प तलाश रही हैं।