दुनिया में एक ऐसा भी देश है जहाँ खीरे की कीमत 1,000 रूपए/किलो हो गई है। ऐसा कौनसा देश है जहाँ खीरा इतना महंगा हो गया है? आइए नज़र डालते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध को 4 साल पूरे होने वाले हैं। इस युद्ध की वजह से दोनों ही देशों पर असर पड़ा है। युद्ध के बीच अब महंगाई की मार सीधे आम लोगों की थाली पर दिख रही है। रूस में खीरे की कीमतें दिसंबर से कई गुना बढ़कर औसतन 300 रूबल प्रति किलो (करीब 355 रुपए) से ऊपर पहुंच गई हैं, जबकि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि रूस में कई जगह खीरे की कीमत 1,000 रुपए/किलो तक भी पहुंच गई है। आयातित केले भी खीरे से सस्ते मिल रहे हैं।
साइबेरिया के कुछ सुपरमार्केट में खरीद की सीमा तय करनी पड़ी है और खीरे की राशनिंग भी हो रही है। इतना ही नहीं, साइबेरिया के एक प्रमुख अखबार ने पाठकों को घर पर सब्जियाँ उगाने के लिए मुफ्त बीज बांट दिए हैं। यह उछाल ऐसे समय आया है जब साल की शुरुआत से कुल कीमतों में 2.1% वृद्धि दर्ज हुई है और केंद्रीय बैंक ने सालाना महंगाई 5.5% तक रहने का अनुमान जताया है।
बढ़ते बिजली–पेट्रोल बिल और सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था के बीच खीरा अब सिर्फ सब्जी नहीं, जनभावनाओं का पैमाना बन गया है। सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया और विपक्ष दोनों दबाव में हैं, क्योंकि इसी साल संसदीय चुनाव होने हैं। हालांकि उत्पादकों का कहना है कि मौसम गर्म होते ही आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों में नरमी आ सकती है।
खीरे की बढ़ती कीमतों ने सोशल मीडिया पर मज़ाक और गुस्से का अजीब मिश्रण पैदा कर दिया है। लोग इसे 'ग्रीन गोल्ड' कह रहे हैं और लिख रहे हैं कि अब सलाद भी ईएमआई पर आएगा। कुछ यूज़र्स तंज कस रहे हैं कि अब खीरा फ्रिज में नहीं, लॉकर में रखा जाएगा। महंगाई ने आम रसोई को राष्ट्रीय बहस बना दिया है।