
AI Danger For Human: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य में इंसानों के लिए बड़ा खतरा बताने वाली चेतावनियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया है। ट्रंप ने AI के आलोचकों पर निशाना साधते हुए उन्हें 'नकारात्मक ताकते' बताया। साथ ही कहा कि कुछ लोग ऐसी बातें उठा रहे हैं, जो कभी होने वाली ही नहीं हैं। दरअसल हाल ही में इस्तीफा देने वाले एंथ्रोपिक के एक पूर्व शोधकर्ता ने चेतावनी दी थी कि AI कंपनियां ऐसी टेक्नोलॉजी बनाने की होड़ में हैं, जो इस दशक के अंत तक हम सभी को खत्म कर सकती हैं।
आयरलैंड दौरे के दौरान ट्रंप ने कहा कि कुछ नकारात्मक ताकतें ऐसे मुद्दे उठा रही हैं, जिन्हें उठाना ही नहीं चाहिए। उनके मुताबिक, ये लोग उन चीजों की बात कर रहे हैं जो कभी होंगी ही नहीं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब AI की तेजी से बढ़ती ताकत को लेकर टेक्नोलॉजी जगत में गंभीर बहस चल रही है।
हाल ही में एंथ्रोपिक के एक पूर्व शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने इस्तीफा देने के बाद चेतावनी दी थी कि AI कंपनियां ऐसी तकनीक बनाने की दौड़ में लगी हैं, जो इस दशक के अंत तक हम सभी को मार सकती है। इस चेतावनी के बाद एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई से सवाल किया गया था। उन्होंने कहा था कि वह पूर्व कर्मचारी की बात से असहमत होने से ज्यादा सहमत हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एंथ्रोपिक AI विकास में अधिक जिम्मेदार भूमिका निभाने वाली कंपनी है।
डारियो अमोदेई ने चेतावनी दी कि AI मॉडल की क्षमता को बहुत तेजी से बढ़ाना लापरवाही भरा कदम है। उन्होंने कहा कि AI के विकास की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा करने की जरूरत है। उनके अनुसार, इससे मिलने वाले समय का समझदारी से इस्तेमाल कर AI को सुरक्षित बनाने के उपाय किए जा सकते हैं। इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह डर भी है कि कोई इंसान तबाही मचाने के लिए एक सक्षम AI का इस्तेमाल कर सकता है, जैसे नए वायरस बनाना या साइबर हमले करना।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी AI के सबसे उन्नत मॉडल के विकास की रफ्तार को कंट्रोल करने की जरूरत पर जोर दिया था। वहीं, एलन मस्क ने अमोदेई की बात पर कहा कि वह सही हैं। AI को लेकर चिंता यह भी है कि शक्तिशाली तकनीक का इस्तेमाल साइबर हमलों, नए वायरस बनाने और दूसरे खतरनाक कामों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इन सभी चेतावनियों के बीच ट्रंप का कहना है कि कुछ लोग ऐसे खतरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं, जो कभी सामने ही नहीं आएंगे।