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‘बातचीत फेल हुई तो ताकत के दम पर होर्मुज पर कब्जा करेंगे ट्रंप’, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के दावे से मची खलबली

US Iran Talks के बीच अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया है कि यदि ईरान के साथ बातचीत विफल होती है तो डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा कर सकते हैं। वहीं जर्मनी ने भी इस संकट के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है।

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Jun 21, 2026
US president Donald Trump
अमेरिका-ईरान युद्ध(फोटो-IANS)

Strait Of Hormuz: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता के बीच अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के एक बयान ने खलबली मचा दी है। ग्राहम ने दावा किया है कि अगर ईरान के साथ चल रही बातचीत विफल हो जाती है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रटेट पर बलपूर्वक नियंत्रण करने की योजना बना सकते हैं।

अमेरिकी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में लिंडसे ग्राहम ने कहा कि उन्होंने हाल ही में ट्रंप के साथ करीब साढ़े चार घंटे बिताए हैं। उनके मुताबिक, यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं तो अमेरिका के पास एक वैकल्पिक योजना भी है।

ग्राहम ने कहा, "अगर यह समझौता विफल होता है तो राष्ट्रपति ट्रंप ताकत के दम पर होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर सकते हैं। अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का संचालन करेगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क भी वसूला जा सकता है।"

जर्मनी ने ट्रंप पर लगाया बड़ा आरोप

इसी बीच जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट और जलमार्ग के बंद होने की स्थिति के लिए मुख्य रूप से डोनाल्ड ट्रंप जिम्मेदार हैं।

एक इंटरव्यू में पिस्टोरियस ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट के इस संकट की शुरुआत डोनाल्ड ट्रंप की वजह से हुई। अब जरूरत इस बात की है कि इस स्थिति को सामान्य किया जाए।"

उन्होंने कहा कि यूरोप के लिए होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर असर डाल सकता है।

स्विट्जरलैंड में जारी है अमेरिका-ईरान वार्ता

इस बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। दोनों पक्ष लेबनान में संघर्ष, ईरान की जमी हुई संपत्तियों और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है लेकिन दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने के संकेत दिए हैं।

Updated on:
21 Jun 2026 11:55 pm
Published on:
21 Jun 2026 11:52 pm
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