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Donald Trump के मरीन वन हेलीकॉप्टर के करीब पहुंचा यात्री विमान, क्या सुरक्षा में हुई चूक? जांच शुरू

Donald Trump Marine One चर्चा में है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर जा रहा मरीन वन हेलीकॉप्टर और एक यात्री विमान वॉशिंगटन के आसमान में कथित तौर पर एक-दूसरे के काफी करीब पहुंच गए। घटना के बाद सुरक्षा में संभावित चूक को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि टक्कर का कोई खतरा नहीं था। मामले की जांच FAA ने शुरू कर दी है। जानिए पूरा घटनाक्रम, व्हाइट हाउस का बयान और आखिर इस घटना को लेकर जांच क्यों की जा रही है।
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Aug 06, 2026
US President Donald Trump Air Security Breach.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Donald Trump Marine One Helicopter: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के आसमान में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर जा रहा मरीन वन हेलीकॉप्टर और एक यात्री विमान कथित तौर पर एक-दूसरे के काफी करीब आ गए। इसके बाद अमेरिका में हड़कंप मच गया। इस घटना को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोई बड़ा हादसा टल गया? इसे अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक से भी जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्या हुआ था? समझिए पूरा मामला

व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर मरीन वन ने उड़ान भरी। उसी समय उत्तरी वर्जीनिया स्थित रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट से फ्लोरिडा के पेंसाकोला जा रही एक कमर्शियल उड़ान भी रवाना हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर कमर्शियल उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने में चूक गए। इसके चलते मरीन वन और यात्री विमान के बीच निर्धारित न्यूनतम सुरक्षित दूरी नहीं रह सकी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मरीन वन और यात्री विमान किसी भी समय टकराव की दिशा में नहीं बढ़ रहे थे और न ही किसी प्रकार के हादसे का तत्काल खतरा था।

FAA और व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने बयान जारी कर कहा कि वह मरीन वन से जुड़ी इस सुरक्षा घटना की जांच कर रहा है। एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जानकारी के आधार पर यह कोई गंभीर 'नियर मिस' यानी बाल-बाल बचने वाली दुर्घटना का मामला नहीं लगता। दोनों विमान एक-दूसरे की ओर नहीं बढ़ रहे थे।

वहीं, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, 'मरीन वन उड़ाने वाले पायलट दुनिया के सबसे कुशल एविएटर्स में शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी समय खतरे में नहीं थे।' हालांकि, घटना सामने आने के बाद FAA इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष सेफ्टी रिव्यू टीम गठित करने की तैयारी कर रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा प्रक्रियाओं में चूक कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन अतिरिक्त कदमों की आवश्यकता है।

पिछले हादसे के बाद बदले थे नियम

जनवरी 2025 में वॉशिंगटन के आसमान में एक कमर्शियल विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की टक्कर हुई थी। उस हादसे में 67 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में अमेरिकी सरकार ने FAA और सेना की ओर से हुई लापरवाही को स्वीकार किया था। इसके बाद सुरक्षा नियमों को और सख्त किया गया।

नए नियमों के तहत एयरपोर्ट के आसपास विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज और 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि मरीन वन और यात्री विमान के बीच यह न्यूनतम सुरक्षित दूरी नहीं रह पाई थी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि दोनों विमान किसी भी समय टकराव की स्थिति में नहीं थे।

Updated on:
06 Aug 2026 09:13 am
Published on:
06 Aug 2026 09:13 am