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Iran Strait of Hormuz: हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर 7% शुल्क की मांग, ईरान ने रखा प्रस्ताव

Iran Strait of Hormuz 7% Shipping Fee: मध्य पूर्व के रणक्षेत्र में एक नया कूटनीतिक भूचाल आ गया है। वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे संवेदनशील मार्ग पर तेहरान द्वारा वसूले जाने वाले नए शुल्क ने अमेरिका और उसके मित्र देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 06, 2026

Iran Strait of Hormuz

Iran Strait of Hormuz: ईरान का दावा: प्रस्तावित समझौते से हॉर्मुज़ पर बढ़ेगा नियंत्रण, चीन-रूस को शुल्क से छूट (फोटो सोर्स:@GreyWol08482159)

Strait of Hormuz shipping Fee: अमेरिका और इजराइल द्वारा फरवरी में शुरू किए गए सैन्य संघर्ष के बाद मध्य पूर्व का शक्ति-संतुलन अचानक बदलता नजर आ रहा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर ईरान ने 7% शुल्क वसूलने की बड़ी शर्त रख दी है। तेहरान का यह कदम सीधे तौर पर वाशिंगटन के दबदबे को चुनौती दे रहा है। जहां अमेरिका इस मार्ग पर किसी भी तरह का टैक्स न लगाने की मांग कर रहा है, वहीं ईरान का यह दांव साबित करता है कि हालिया युद्ध के बावजूद क्षेत्रीय कमान धीरे-धीरे उसके हाथों में खिसक रही है।

Iran Strait of Hormuz: हॉरमुज जलडमरूमध्य बना नई कूटनीतिक जंग का मैदान

अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को लेकर मध्य पूर्व में एक नया कूटनीतिक घमासान छिड़ गया है। रॉयटर्स और ईरानी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान ने हॉरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों पर 7% का शुल्क लगाने की मांग की है।
हालांकि, इस नए नियम में ईरान ने अपने सामरिक सहयोगियों को बड़ी राहत दी है:

चीन और रूस को पूरी छूट: चीन और रूस के जहाजों को इस 7% टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
ओमान का बीच का रास्ता: ओमान इस शुल्क को घटाकर लगभग 3% रखने के पक्ष में मध्यस्थता और बातचीत कर रहा है।
अमेरिका का कड़ा रुख: अमेरिकी प्रशासन किसी भी प्रकार के शुल्क के खिलाफ है और इस मार्ग को पूरी तरह से नि:शुल्क रखने पर अड़ा है।

'अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तेहरान की अब तक की सबसे बड़ी जीत'

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रस्तावित समझौते को तेहरान की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। अधिकारी का कहना है कि यह प्रस्ताव ईरान को फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर सीधा और अभूतपूर्व नियंत्रण प्रदान करता है।

"यह ईरान को दी गई अब तक की सबसे बड़ी छूटों में से एक है। फरवरी में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध का परिणाम यह निकला है कि क्षेत्रीय शक्ति का संतुलन अब पूरी तरह से तेहरान के पक्ष में झुक गया है।"
- वरिष्ठ ईरानी अधिकारी

ईरानी खेमे का मानना है कि सैन्य दबाव के बावजूद अमेरिका को इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान की संप्रभुता और प्रशासनिक वर्चस्व को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जहां एक तरफ ईरान का शीर्ष नेतृत्व इसे अपनी कूटनीतिक जीत मान रहा है, वहीं प्रक्रिया से जुड़े एक अन्य ईरानी सूत्र ने जमीनी हकीकत को लेकर सतर्क किया है।

ईरानी सूत्र का कहना है कि बातचीत अभी बहुत नाजुक मोड़ पर है । सूत्र ने यह भी चेतावनी दी कि वाशिंगटन का राजनीतिक माहौल पल भर में बदल सकता है और डोनाल्ड ट्रम्प का महज एक ट्वीट इस पूरे समझौते को ताश के पत्तों की तरह धराशायी कर सकता है।

क्यों वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'रेड अलर्ट' है हॉरमुज संकट?

हॉरमुज जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार की धमनी (Energy Chokepoint) है। इस पर किसी भी तरह का उपद्रव या शुल्क सीधे आम जनता की जेब पर असर डालता है।

पहलूविवरण और वैश्विक प्रभाव
वैश्विक तेल व्यापारदुनिया के कुल समुद्री कच्चे तेल (Crude Oil) का लगभग 20% से 25% और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का 20% इसी पतले जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
महंगाई और भाड़ा दरेंयदि 7% का शुल्क लागू होता है, तो वैश्विक शिपिंग कंपनियों का परिचालन खर्च अचानक बढ़ जाएगा, जिससे भारत सहित दुनिया भर में ईंधन और खाद की कीमतें बढ़ सकती हैं।
चीन-रूस को छूट का अर्थचीन अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। चीन और रूस को छूट देकर ईरान ने पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का कड़ा जवाब दिया है।
सुरक्षा बीमा का संकटफरवरी 2026 में अमेरिका-इज़राइल के हमलों और ईरानी नौसेना के जवाब के बाद से जहाजों का युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम (War-Risk Premium) पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

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