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US-Iran Conflict: वर्ल्ड वॉर-2 के बाद सबसे बड़े हमले की थी तैयारी, फिर ईरान पर क्यों नहीं हुआ अटैक? डोनाल्ड ट्रंप ने किया खुलासा

Donald Trump on US-Iran Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान पर वर्ल्ड वॉर-2 के बाद का सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में था, लेकिन बातचीत की पहल के बाद सैन्य कार्रवाई नहीं हुई। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट पर जारी वार्ता और अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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Donald Trump speaking on Iran.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)

Donald Trump on Iran: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होती दिख रही है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सभी मसलों पर बातचीत जारी है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के दो सदस्य, संयुक्त अरब अमीरात और कतर, ईरान को बतौर युद्ध मुआवजा लगभग 9 लाख करोड़ रुपए देने को तैयार हैं, लेकिन सऊदी अरब आनाकानी कर रहा है। सऊदी अरब का कहना है कि इजरायल भी युद्ध मुआवजे में अपना हिस्सा दे। इसी बीच, बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया कि तेहरान की ओर से बातचीत की पहल करने से पहले अमेरिका, ईरान पर वर्ल्ड वॉर-2 के बाद का सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में था। डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि बड़े सैन्य हमले की आशंका के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर लौटने को मजबूर हुआ।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

लास वेगास में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संबोधित किया। उन्होंने इस मौके पर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि वर्ल्ड वॉर-2 के बाद की सबसे बड़ी प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले ईरानी अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया, 'उन्होंने (ईरान) मुझे फोन किया और कहा, 'कृपया ऐसा मत कीजिए, आइए बातचीत करते हैं।' उन्होंने इस पहल को अमेरिका के लगातार बनाए गए सैन्य दबाव का परिणाम बताया।

ट्रंप बोले- कूटनीति समाधान के पक्षधर

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीतिक समाधान के पक्षधर हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का रुख नहीं बदला है। उन्होंने कहा, 'मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं लोगों को मरते नहीं देखना चाहता। लेकिन ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता।'

खास बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है, जब प्रशासन ने संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि इस दिशा में काफी प्रगति हुई है और समझौते की घोषणा 'कल या परसों' की जा सकती है।

ईरान ने भी बातचीत में प्रगति की पुष्टि की

ईरान की ओर से भी वार्ता को लेकर बयान जारी किया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान और ओमान, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग से जुड़े समझौते का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि यदि कुछ पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते, तो जल्द ही संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है।

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