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Iran Oman Talks: हॉर्मुज खुलने से पहले धमाकों की गूंज! ईरान-ओमान समझौते के बीच समुद्र में नया खतरा

Strait of Hormuz: ओमान जलडमरूमध्य के नए रूट मैप पर ईरान की सहमति के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर किए गए नए हमलों और इजराइल-लेबनान सीमा पर भड़के भीषण संघर्ष ने अमेरिका व ट्रंप प्रशासन के कूटनीतिक दांव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 06, 2026

Iran War Live, Strait of Hormuz, Houthi Tanker Attack

Iran War: ईरान-ओमान समझौते की उम्मीद, हूती हमलों के बीच खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सतर्कता (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)

Houthi Tanker Attack: पश्चिम एशिया की भू-राजनीति इस समय कूटनीतिक वार्ताओं और भयंकर युद्ध के मुहाने पर झूल रही है। एक तरफ ईरान और ओमान रणनीतिक रूप से संवेदनशील 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को खोलने के अंतिम समझौते पर पहुंचते दिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ लाल सागर और दक्षिण लेबनान में बारूद की गंध गहरी होती जा रही है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भले ही अमेरिका कूटनीति के जरिए शांति का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत में जंग का दायरा और घातक होता जा रहा है।

ईरान-ओमान समझौते की उम्मीद

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल व्यापार मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईरान और ओमान के बीच एक बड़े समझौते पर मुहर लगने ही वाली है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने इस जलमार्ग से जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए नए मार्ग निर्देशांकों (Route Coordinates) को अंतिम रूप दे दिया है।

हालांकि, इस कूटनीतिक प्रगति के बीच खतरे के बादल पूरी तरह छंटे नहीं हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने रिपोर्ट दी है कि ओमान के कुमजार तट के पास जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक तेल टैंकर के कैप्टन ने अचानक दो तेज धमाकों की आवाजें सुनीं। गनीमत यह रही कि इस घटना में टैंकर और उसके चालक दल के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इसने समुद्री गलियारे की सुरक्षा पर फिर से प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप और वांस का बयान: "वार्ता कठिन, पर शांति की कोशिश जारी"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत की प्रक्रिया जारी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे युद्ध की जगह कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि वे निर्दोष लोगों की जान नहीं जाने देना चाहते।

वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों का बचाव करते हुए ईरान के नेतृत्व को अत्यधिक जटिल और विभाजित बताया। वांस ने कहा:

"ईरानियों के साथ बातचीत करना बेहद कठिन काम है। उनका सिस्टम काफी बिखरा हुआ है। उनके शासन में एक धड़ा युद्ध खत्म करना चाहता है, तो दूसरा कट्टरपंथी धड़ा इसे जारी रखने पर आमादा है। हमारी जिम्मेदारी इस जटिलता के बीच अमेरिका और दुनिया के हित में सर्वोत्तम परिणाम निकालना है।"

सऊदी टैंकरों पर हुती विद्रोहियों का हमला: लाल सागर में नया संकट

कूटनीतिक वार्ताओं के बीच यमन के ईरान-समर्थित हुती विद्रोहियों ने लाल सागर में लाल सागर के यनबू बंदरगाह के पास और अदन की खाड़ी में दो सऊदी तेल टैंकरों पर भीषण हमला करने का दावा किया है। इन हमलों ने यह साबित कर दिया है कि यदि हॉर्मुज में शांति बन भी जाती है, तो भी लाल सागर का व्यापारिक मार्ग बेहद संवेदनशील बना रहेगा।

दूसरी ओर, इजराइल और लेबनान सीमा पर भी जंग और उग्र हो गई है। दक्षिण लेबनान के मजदल सेलम कस्बे में एक धमाके में दो इजरायली सैनिकों के मारे जाने के बाद, इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सैन्य नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी समझौते के मोहताज नहीं हैं और गाजा व लेबनान में अपने आक्रामक अभियानों को लगातार जारी रखेंगे।

दुनिया और भारत पर क्या होगा असर?

प्रमुख कारकवैश्विक एवं क्षेत्रीय प्रभाव
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का महत्वदुनिया के कुल समुद्री कच्चे तेल का लगभग 20% से 25% हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से गुजरता है। इसे बंद या बाधित करने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।
भारत पर सीधा प्रभावभारत अपनी आवश्यकता का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। हॉर्मुज में स्थिरता से भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुचारू रहेगी, लेकिन लाल सागर में हुती हमलों से जहाजों को 'केप ऑफ गुड होप' से घूमकर जाना पड़ रहा है, जिससे माल भाड़ा (Freight Charges) बढ़ गया है।
वैश्विक सप्लाई चेन संकटलाल सागर और फारस की खाड़ी में एक साथ तनाव बने रहने से वैश्विक लॉजिस्टिक्स, बीमा प्रीमियम और ईंधन की दरें प्रभावित हो रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा मंडरा रहा है।

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