
US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं, लेकिन बातचीत नाकाम रही तो वे जल्द ही एक बार फिर सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं। यह जानकारी अमेरिकी मीडिया संस्थान सेमाफोर (Semafor) ने ट्रंप प्रशासन के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से दी है।
जानकारी के मुताबिक, ट्रंप अपने प्रशासन के दूसरे अधिकारियों के मुकाबले ईरान पर नए हमले के लिए ज्यादा बेताब हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर शांति वार्ता विफल होती है तो अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमला कर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ अस्थायी शांति समझौता करने के लिए तैयार हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि, अगर बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकला तो अमेरिका जल्द ही सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसके अलावा प्रशासन के कई अधिकारी दोबारा युद्ध शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं। ट्रंप भी हमले को लेकर पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं, लेकिन वे अपने सहयोगियों के मुकाबले इसके लिए ज्यादा तैयार हैं।
इसी बीच अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने में मदद करने को तैयार है। क्रेमलिन के प्रवक्ता ने बताया कि अगर अमेरिका और ईरान उससे अनुरोध करते हैं तो वह मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। क्रेमलिन ने यह भी बताया कि मॉस्को खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से रोकने के लिए भी प्रयास करने को तैयार है।
इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई को पत्र भेजा था। इसका मकसद यह पता लगाना था कि दोनों देश अपने मतभेद कम करके नए हमले को रोक सकते हैं या नहीं। बताया जा रहा है कि ईरान ने इस पत्र को सकारात्मक रूप से लिया है।
पत्र फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में बताया जा रहा है कि इसमें किसी खास शांति समझौते की शर्तों के बजाय बातचीत का ढांचा तैयार करने पर जोर दिया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, पत्र में जल्द ही अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की बैठक का प्रस्ताव भी था। वेंस पहले भी जून में हुई अमेरिका-ईरान बातचीत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं।