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ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, 50 हजार अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने से किया इनकार

Trump on Iran War: ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 हजार सैनिकों को वापस बुलाने से इनकार कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि मिशन पूरा होने तक अमेरिकी सेना क्षेत्र में तैनात रहेगी।
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Updated: 7 Jun 2026, 8:28 PM IST
Trump on Iran War
Trump on Iran War (AI Image)

Donald Trump on US Troops in Iran War: ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिकी सैनिकों की वापसी की कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में सैन्य अभियान पूरी तरह खत्म होने तक वहां तैनात करीब 50 हजार अमेरिकी सैनिकों को वापस नहीं बुलाया जाएगा। उनके इस बयान को अमेरिका के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

सैनिकों की वापसी पर क्या बोले ट्रंप?

एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिक किसी बड़े खतरे में हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत रक्षा और सैन्य क्षमता है।

ट्रंप ने कहा कि सैनिकों को अभी वापस बुलाना समझदारी नहीं होगी, क्योंकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिशन पूरा होने से पहले सैनिकों की वापसी पर विचार नहीं किया जा रहा है।

ऑपरेशन को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में चल रहे सैन्य अभियान को सफल बताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना बेहतर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक हुई सैन्य क्षति पहले के बड़े युद्धों की तुलना में काफी कम है।

ट्रंप ने कहा कि किसी भी सैनिक की मौत दुखद होती है, लेकिन हालिया संघर्ष में हुए नुकसान की तुलना अगर अमेरिका के पुराने युद्धों से की जाए तो स्थिति अलग नजर आती है।

13 अमेरिकी सैनिकों की हो चुकी है मौत

ईरान से जुड़े संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। इनमें से छह सैनिक 1 मार्च को कुवैत के शुआइबा बंदरगाह पर हुए ईरानी हमले में मारे गए थे।

इसके अलावा 8 मार्च को सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए हमले में एक सैनिक की मौत हुई। वहीं 12 मार्च को पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना के KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से छह और सैनिकों की जान चली गई।

अमेरिका का सख्त संदेश

ट्रंप के इस बयान को ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि अमेरिका फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है, अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर ट्रंप का रुख आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

मध्य पूर्व पर टिकी दुनिया की नजर

ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर दुनिया भर की नजरें बनी हुई हैं।