
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कई बार यू-टर्न ले चुके हैं। कभी भी कुछ भी कहने वाले ट्रंप अक्सर ही अपने बयान से पलटते हुए नई बात कह देते हैं। अब ट्रंप ने एक और यू-टर्न ले लिया है। पिछले साल भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को 'डेड इकोनॉमी' बताने वाले ट्रंप का रुख अचानक ही बदल गया है और अब उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति की तारीफ की है।
अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि मज़बूत आर्थिक वृद्धि वाले देशों में केवल ऊंची ब्याज दरें ही समाधान नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि भारत बहुत अच्छा कर रहा है और 7-8% की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रंप के सुर अचानक ही बदल गए हैं। पिछले साल ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था। 25% बेस टैरिफ और 25% एक्स्ट्रा टैरिफ इस वजह से क्योंकि भारत लगातार रूस से तेल खरीद रहा था, जिससे ट्रंप नाराज़ थे। ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' तक कह दिया था, जिसको लेकर उनकी काफी आलोचना भी हुई थी। ट्रंप को उम्मीद थी कि टैरिफ के दबाव में भारत उनके आगे झुक जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके टैरिफ से भारत पर कोई असर नहीं पड़ा, बल्कि इसके बावजूद अमेरिका को किया जाने वाला भारतीय निर्यात बढ़ गया। भारत ने रूस से तेल की खरीद पर भी रोक नहीं लगाई।
बाद में ट्रंप ने भारत से रूस से तेल की खरीद पर लगाए एक्स्ट्रा 25% टैरिफ को हटा दिया था। इसके बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया गया, लेकिन फिर भी ट्रंप ने 25% बेस टैरिफ को 18% कर दिया था। ट्रंप के सुर बदलने की वजह भारत-अमेरिका संबंधों की अहमियत के साथ ही दोनों देशों के बीच जल्द पूरी तरह से फाइनल होने वाली ट्रेड डील भी है, जो भारत के साथ ही अमेरिका के लिए भी बेहद ज़रूरी है।
ट्रंप के फैसलों और बयानबाजी की वजह से भारत-अमेरिका संबंधों में दरार पड़ी। हालांकि भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जिओ गोर (Sergio Gor) के प्रयासों और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Of India Narendra Modi) और ट्रंप की बातचीत से दोनों देशों के संबंधों में सुधार हुआ है और ट्रंप भी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि दोनों देशों के बीच मज़बूत संबंध बेहद अहम हैं।