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US-Iran Ceasefire: ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इस्तीफा देने की धमकी दे कर सुप्रीम लीडर मोजतबा को समझौते करने के लिए मनाया

Pezeshkian Persuaded Mojtaba Agree to The Deal: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा अली खामेनेई जनभावना के कारण अमेरिका से समझौता करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने उन्हें सीजफायर को मंजूरी देने के लिए राजी किया।
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भारत

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MI Zahir

Jul 04, 2026

US Iran Ceasefrie News

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा अली खामेनेई। (फोटो: ANI))

Pezeshkian Persuaded Mojtaba to Agree Compromise by Threatening Resign: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को वाशिंगटन के साथ युद्धविराम और बातचीत को मंजूरी देने के लिए राजी करने में अहम भूमिका निभाई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पेजेशकियन ने चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था पतन के कगार पर है और समझौता मंजूर न करने पर इस्तीफा देने की धमकी दे दी थी। मोजतबा असमंजस में थे कि आक्रोशित और नाराज जनता अमेरिका से बदला लेने के लिए कह रही है और ऐसे में वे समझौता प्रस्ताव कैसे मंजूर करें,मगर पेजेशकियन का दबाव और तथ्य ऐसे थे, जिनके आगे मोजबता को झुकना ही पड़ा।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भारी बहुमत से प्रस्ताव को मंजूरी दी

पेजेशकियन ने उन्हें याद दिलाया कि केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने यह भी चेतावनी दी है कि देश में कुछ ही हफ्तों में खाद्य और चिकित्सा सामग्री की कमी हो सकती है और समझौता न करना देश के लिए बहुत घातक हो सकता है। तब मोजतबा ने आखिरकार बातचीत को मंजूरी दे दी और कहा कि वे 'सैद्धांतिक रूप से' समझौते के खिलाफ हैं, लेकिन अगर सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का समर्थन मिले, तो वे इसका समर्थन करेंगे। परिषद ने भारी बहुमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

केंद्रीय बैंक के गवर्नर का आकलन मोजतबा के निर्णय का कारण बना

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक के गवर्नर का आकलन मोजतबा के फैसला लेने में एक निर्णायक था, जिससे ईरान के नेतृत्व पर दबाव बना, क्योंकि प्रतिबंधों और समुद्री प्रतिबंधों ने व्यापार, वित्तीय प्रवाह और महत्वपूर्ण वस्तुओं के आयात को बाधित कर दिया था।

60 दिनों में व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत करने के प्रावधान शामिल

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान ने जून में शत्रुता समाप्त करने और व्यापक वार्ता के लिए एक ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को चरणबद्ध तरीके से हटाने, होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन को फिर से शुरू करने और 60 दिनों के भीतर एक व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत करने के प्रावधान शामिल हैं।

ईरान के अधिकारों की रक्षा के आश्वासन के बाद समझौते को मंजूरी दी

हालांकि ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के आश्वासन मिलने के बाद मोजतबा ने समझौते को मंजूरी दी। मोजतबा ने कहा है कि राष्ट्रपति पेजेशकियन और वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से ईरान के अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत आपत्तियों के बावजूद समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी।