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Khamenei Funeral: ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में चल रहीं, आखिर कहां छिपे बैठे हैं मोजतबा, सीआईए और मोसाद के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं

Mojtaba Ali Khamenei Hiding: ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम अभी चल रहा है, लेकिन उनके पुत्र वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामेनेई पता नहीं कहां छिपे बैठे हैं।
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भारत

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MI Zahir

Jul 04, 2026

Khamenei News.

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामेनेई ।(फोटो: X/ @ Iran_ in_I ndia)

Mojtaba Ali Khamenei Hiding During Supreme Leader Funeral in Iran: ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का एक सप्ताह तक चलने वाला अंतिम संस्कार कार्यक्रम अभी चल रहा है, लेकिन उनके पुत्र और वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामेनेई पता नहीं कहां छिपे बैठे हैं। ध्यान रहे कि 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और ईरान के हुए हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के साथ उनकी भी मौत हो गई थी। युद्ध के हालात की वजह से खामेनेई के अंतिम संस्कार बहुत देरी हुई।

​वारिस दूसरे सुप्रीम लीडर को नहीं खोना चाहते लोग

ऐसा आशंका जताई गई है कि कहीं अमेरिका या इजरायल मोजतबा की हत्या न कर दे। ऐसे में ईरान में ​दो विचार उभर कर सामने आ रहे हैं कि जैसे पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपनी जान की परवाह नहीं की थी, वैसे ही उन्हें भी अपनी जान की परवाह न कर एक बेटे का फर्ज निभाना और पिता को मिट्टी देना चाहिए। जबकि दूसरी विचारधारा के लोगों का ख्याल है कि एक सुप्रीम लीडर को खो चुके हैं अब उनके ​वारिस दूसरे सुप्रीम लीडर को नहीं खोना चाहते।

अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में लाखों लोग शामिल हो रहे

इधर 3 जुलाई से 9 जुलाई तक चलने वाले खामेनेई के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में लाखों लोग शोक मनाने और 100 से अधिक देशों के विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। मोजतबा उनके स्वागत के लिए भी मौजूद नहीं हैं। जबकि तेहरान में आधिकारिक 'ग्रैंड मोसाल्ला' कॉम्प्लेक्स आम लोगों के देखने के लिए खोल दिया गया है। खामेनेई का ताबूत मारे गए परिवार के सदस्यों के ताबूतों के साथ एक बड़े मंच पर रखा गया है। अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी ईरान पहुंचा है।

अमेरिका और इजरायल के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं

अगर मोजतबा सुरक्षा के नजरिये से सामने नहीं आ रहे हैं तो अमेरिका का इतिहास रहा है कि वह अपने दुश्मन को कहीं से भी तलाश कर लेता है। अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए और इजरायली गुप्तचर एजेंसी मोसाद के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है।

अमेरिका ने सद्दाम को कैसे कहां से ढूंढा

अमेरिकी सैनिकों ने इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 13 दिसंबर 2003 को, उनके गृहनगर तिकरित से लगभग 15 किलोमीटर दूर, 'अद-दौर' इलाके के एक फार्महाउस में खोज निकाला। वे एक खेत में बने 6 से 8 फीट गहरे, संकरे जमीनी गड्ढे में छिपे हुए पाए गए। यह ठिकाना अमेरिकी सेना के 'ऑपरेशन रेड डॉन' के दौरान मिला, जो एक करीबी सहयोगी से मिली खुफिया जानकारी पर आधारित था। गिरफ्तारी के समय उनके पास से एक AK-47 राइफल और कुछ नकदी भी बरामद की गई थी।

अमेरिका ने वेनेजुएला के प्रेसीडेंट को कब पकड़ कर बंधक बनाया

अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 आधी रात के बाद 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम के एक गुप्त मिलिट्री ऑपरेशन के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ा। एयर डिफेंस को नाकाम करने के लिए 150 से अधिक विमानों ने काराकस में बुनियादी ढांचे पर हमले किए और डेल्टा फोर्स के सैनिकों ने उनके मजबूत कंपाउंड पर छापा मारकर उन्हें हिरासत में ले लिया। अमेरिकी एजेंसी सीआईए ने महीनों तक इस जोड़े की दिनचर्या या 'लाइफस्टाइल पैटर्न' पर नजर रखी थी, यहां तक कि अमेरिकी सैनिकों को छापे की रिहर्सल कराने के लिए काराकस में उनके सुरक्षित ठिकाने का एक हूबहू मॉडल भी तैयार किया था।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को कैसे मारा

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ठिकाने का पता लगा कर उन्हें मार डाला था। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी, 2026 को ईरान के तेहरान में उनका परिसर और निवास स्थान पर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े उनके परिसर पर किए गए हवाई हमलों के दौरान दागे गए ग 30 गोला-बारूदों से उनकी मौत हो गई थी, ईरान और इस्लामी दुनिया इसे उनका शहीद होना मानता है।

अमेरिका और इजरायल के लिए मोजतबा को ढूंढना मुश्किल नहीं

बहरहाल अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप हों या इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, उनके लिए मोजतबा को ढूंढना मुश्किल नहीं है। क्यों कि सीआईए और मोसाद का नेटवर्क बहुत व्यापक है। एक ओर ईरान की सेना पूरी आकाशीय सीमा पर पहरा दिए हुए है और वह यह कहता है कि उसकी सुरक्षा को कोई नहीं भेद सकता तो मोजतबा का छुपना या गायब होना बेमानी लग रहा है।