
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 समिट के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद रूस को झटका देने वाला बयान दिया है। उन्होंने खुलकर कहा कि रूस के तेल पर लगी विशेष छूट को अब खत्म किया जा सकता है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद तेल की सप्लाई सामान्य हो रही है, इसलिए अब रूस पर और नरमी बरतने की जरूरत नहीं।
बता दें कि ईरान से तनाव खत्म होने के बाद ट्रंप का अब पूरा फोकस रूस-यूक्रेन युद्ध पर है। इस कड़ी में यह बयान सामने आया है।
ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा- जल्द ही हम यह कर पाएंगे क्योंकि अब तेल को लेकर कोई समस्या नहीं है। बता दें कि अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ संघर्ष के दौरान ग्लोबल तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं।
ऐसे में अमेरिकी प्रशासन ने कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट दे दी थी। इस फैसले का मकसद महंगाई को काबू में रखना था। कई देशों ने इस छूट का स्वागत किया क्योंकि उनके लिए सस्ता तेल मिलना बड़ी राहत था।
ट्रंप ने जी7 के मौके पर यह भी कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है। ईरान मुद्दा सुलझने के बाद तेल बाजार में स्थिरता आ गई है। इसलिए रूस को दी गई ये सुविधाएं वापस ली जा सकती हैं।
हालांकि, रूस को लेकर ट्रंप के इस छूट वाले फैसले पर यूक्रेन के समर्थक देशों में काफी गुस्सा देखने को मिला था। उनका आरोप था कि अमेरिका रूस पर सख्ती करने के बजाय उसे छूट दे रहा था। यूक्रेन में चल रही जंग के बीच रूसी तेल की खरीद को वे अप्रत्यक्ष रूप से रूस की मदद मानते हैं।
कई यूरोपीय देशों ने पहले भी इस नीति पर सवाल उठाए थे। ट्रंप का नया बयान इन आलोचनाओं के बीच आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर छूट खत्म हुई तो रूसी तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन ग्लोबल सप्लाई पहले से बेहतर होने से बड़ा झटका नहीं लगेगा।
भारत जैसे देश जो रूस से सस्ता तेल खरीद रहे थे, अब नई स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अगर छूट खत्म होती है तो कीमतों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बाजार पहले से तैयार दिख रहा है।
ट्रंप का यह कदम अमेरिका की ऊर्जा नीति में बदलाव का संकेत दे रहा है। उन्होंने जोर दिया कि अब अमेरिका मजबूत स्थिति में है और अपनी शर्तों पर फैसले ले सकता है।