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ट्रंप की दो टूक – “ज़ेलेन्स्की को मानना होगा रूस-यूक्रेन शांति प्रस्ताव”

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति प्रस्ताव पेश किया है। इसके साथ ही ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की पर इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने का दबाव बनाना भी शुरू कर दिया है।
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Updated: 22 Nov 2025, 11:03 AM IST
Volodymyr Zelenskyy and Donald Trump
Volodymyr Zelenskyy and Donald Trump (Photo - Washington Post)

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 44 महीने से ज़्यादा समय हो चुका है लेकिन युद्ध अभी भी जारी है। 24 फरवरी 2022 को शुरू हुए इस युद्ध की वजह से यूक्रेन को जान-माल का काफी नुकसान हो चुका है। रूसी सेना ने भी इस युद्ध में कई सैनिक गंवाए हैं, लेकिन यूक्रेन पर रूस के हमलों का सिलसिला जारी है। अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस युद्ध को खत्म करवाने की कोशिशों में लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक ट्रंप की कोशिशों का कोई फायदा नहीं हुआ है। इसी बीच अब ट्रंप ने युद्ध को रोकने के लिए रूस-यूक्रेन शांति प्रस्ताव पेश किया है।

क्या है ट्रंप का रूस-यूक्रेन शांति प्रस्ताव?

ट्रंप प्रशासन ने 28-सूत्री रूस-यूक्रेन शांति प्रस्ताव पेश किया है। इसकी प्रमुख शर्तों के अनुसार यूक्रेन को खेरसन और ज़ापोरिज़िया क्षेत्रों में संघर्ष सीमाओं को स्थिर रखना होगा, जहाँ रूस पहले से ही काफी इलाकों पर कब्ज़ा कर चुका है। इसके अलावा 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्ज़ा कर लिया था और इस पर रूस का ही नियंत्रण रहेगा। यूक्रेन के लुहान्स्क और डोनेट्स्क क्षेत्र भी रूस को मिल जाएंगे। साथ ही रूस को डोनेट्स्क क्षेत्र में अतिरिक्त हिस्सों पर कब्जा करने और ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र की बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी भी मिलेगी। इसके अलावायूक्रेन को नाटो सदस्यता की अपनी महत्वाकांक्षा छोड़नी होगी, सेना को 6 लाख सैनिकों तक सीमित करना होगा, युद्धकालीन मार्शल लॉ को निलंबित करना होगा और 100 दिनों के अंदर चुनाव कराने होंगे।

ट्रंप बना रहे हैं ज़ेलेन्स्की पर दबाव

ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) पर इस शांति प्रस्ताव को मानने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ज़ेलेन्स्की को इस शांति प्रस्ताव को मानना ही होगा। हालांकि ज़ेलेन्स्की इस बात से खुश नहीं हैं कि ट्रंप के शांति प्रस्ताव में रूस को काफी फायदा मिल रहा है, क्योंकि न सिर्फ रूस को यूक्रेन का काफी क्षेत्र मिल जाएगा, बल्कि रूस पर लगे प्रतिबंधों को भी हटाया जाएगा। यूक्रेन को सिर्फ सुरक्षा की गारंटी मिलेगी और रूस द्वारा जबरन ले गए यूक्रेनी बच्चों को वापस लाया जाएगा। ज़ेलेन्स्की इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करना चाहते क्योंकि उनके अनुसार यह यूक्रेनी जनता के साथ विश्वासघात है और ज़ेलेन्स्की पहले ही कह चुके हैं कि वह यूक्रेनी जनता के साथ विश्वासघात नहीं करेंगे। यूरोपीय नेता भी ज़ेलेन्स्की के समर्थन में हैं।

पुतिन की प्रतिक्रिया आई सामने

ट्रंप के इस शांति प्रस्ताव पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। पुतिन ने इस योजना को रूस और यूक्रेन में शांति की स्थापना का आधार बताया और कहा कि रूस इससे सहमत है। पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन इस प्रस्ताव के खिलाफ है और उसे लगता है कि वो रूस को युद्ध में हरा सकता है जो सिर्फ एक भ्रम है। पुतिन ने चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की तो रूस, यूक्रेन के और शहरों पर हमला करते हुए कब्ज़ा करने के लिए अपनी सेना को आगे बढ़ाएगा।