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ट्रंप की दो-टूक, यूक्रेन में चाहिए लॉन्ग-टर्म डील

यूक्रेन में डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टीम को दो-टूक सुना दी है। क्या है ट्रंप का नया फरमान? आइए जानते हैं।

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Jan 25, 2026
Donald Trump (Photo - Washington Post)

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को खत्म करने के लिए अबू धाबी (Abu Dhabi) में दो राउंड्स में शांति वार्ता हुई। इस शांति वार्ता में रूस और यूक्रेन के साथ ही अमेरिकी प्रतिनिधि भी शामिल हुए और युद्ध को खत्म करने और शांति स्थापना के उपायों पर चर्चा हुई। शांति वार्ता के दौरान युद्ध से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए सभी पक्षों ने अपनी राय रखी। इसके बाद अब अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनी टीम को एक नया फरमान सुना दिया है।

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चाहिए लॉन्ग-टर्म डील

ट्रंप ने अपनी वार्ता टीम को निर्देश दिया है रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक लॉन्ग-टर्म डील ज़रूरी है। ट्रंप का मानना है कि बिना लॉन्ग-टर्म डील के दोनों देशों के बीच युद्ध नहीं रुक सकता। स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) के दावोस (Davos) में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum - WEF) के दौरान ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की से भी मुलाकात की और युद्ध को रोकने के उपायों पर चर्चा की।

ट्रंप चाहते हैं टिकाऊ समझौता

अबू धाबी में हुई बातचीत के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप एक ऐसा समझौता चाहते हैं जो टिकाऊ हो। इसका लक्ष्य एक फ्रेमवर्क और एक नया मॉडल स्थापित करना है जिससे रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रोका जा सके और भविष्य में भी दोनों देशों के बीच किसी तरह का कोई तनाव न हो। अगले दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी, रूसी और यूक्रेनी अधिकारी अबू धाबी में फिर से मिलेंगे।

क्या हैं समस्याएं?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार शांति वार्ता के दौरान सामने आई समस्याओं में से एक यूक्रेन के लिए युद्ध के बाद सुरक्षा गारंटी का सवाल है। यूरोपीय देशों ने सीज़फ़ायर की निगरानी के लिए सीमित संख्या में सैनिकों की मौजूदगी की वकालत की है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अमेरिकी समर्थन ज़मीन पर सैनिक तैनात करने के बजाय इंटेलिजेंस, निगरानी और लॉजिस्टिक्स पर केंद्रित होगा। वहीं रूसी अधिकारी ने साफ कर दिया है कि रूस, यूक्रेन के जितने हिस्से को कब्ज़ा चुका है, उसे छोड़ना नहीं चाहता।

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