अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया कि वेनेजुएला से तेल और धन के बदले क्यूबा ने वहां के पिछले दो तानाशाहों को सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराईं।
वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता नहीं किया तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने दावा किया कि क्यूबा कई वर्षों तक वेनेजुएला से मिलने वाले भारी मात्रा में तेल और धन पर निर्भर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में धमकी देते हुए कहा कि अब क्यूबा को न तो तेल मिलेगा और न ही पैसा, जब तक वह हमारे साथ कोई समझौता नहीं करता। इसको लेकर ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट लिखा है।
ट्रंप ने लिखा कि क्यूबा को अब एक डॉलर भी नहीं मिलेगा और न ही एक बूंद तेल – जीरो! मैं उन्हें सख्त सलाह देता हूं कि बहुत देर होने से पहले समझौता कर लें।
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि वेनेजुएला से तेल और धन के बदले क्यूबा ने वहां के पिछले दो तानाशाहों को सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराईं। साथ ही उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा।
ट्रंप ने आगे दावा किया कि "पिछले सप्ताह अमेरिका द्वारा किए गए हमले में अधिकांश क्यूबा के लोग मारे गए हैं, और वेनेजुएला को अब उन गुंडों और जबरन वसूली करने वालों से सुरक्षा की जरूरत नहीं है जिन्होंने उन्हें इतने वर्षों तक बंधक बनाकर रखा था।"
इस बीच, वेनेजुएला द्वारा राजनीतिक कैदियों की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला ने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया बड़े स्तर पर शुरू कर दी है। मुझे उम्मीद है कि वे कैदी याद रखेंगे कि वे कितने भाग्यशाली हैं कि अमेरिका आगे आया और जो जरूरी था, वह किया। मुझे उम्मीद है कि वे इसे कभी नहीं भूलेंगे—अगर भूले, तो उनके लिए अच्छा नहीं होगा।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक्स पर क्लिफ स्मिथ नामक एक उपयोगकर्ता द्वारा किए गए एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें लिखा था, "मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बनेंगे" और इसके बाद एक हंसने वाला इमोजी था। पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ट्रंप ने लिखा, "मुझे तो यह अच्छा लग रहा है!"
बता दें कि 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में एक सैन्य अभियान (ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व) के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को उनके आवास से पकड़ लिया। दोनों को अमेरिका ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग तस्करी, नारको-टेररिज्म और हथियारों से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा चल रहा है।