अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरान-चीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अब अमेरिका ने ईरान-चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए नया ऑपरेशन शुरू किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरान के विरुद्ध 'No More Mr. Nice Guy' के संकल्प के साथ 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी' का नया चरण शुरू कर दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान के अरबों डॉलर के 'शैडो बैंकिंग' नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 35 संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह प्रहार सीधे तौर पर ईरान-चीन के उस ऑयल गठजोड़ पर है, जो तेहरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा कि ईरान का यह 'शैडो' सिस्टम उसकी सेना और आतंकी नेटवर्क के लिए फंड जुटाने का मुख्य जरिया है। अब तेहरान से तेल खरीदने वाली चीनी रिफाइनरियों एवं उन्हें सुविधा देने वाले बैंकों को प्रतिबंधों का सामना करना होगा। इसी बीच ईरानी सेना ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर तनाव बढ़ा तो वह नए तरीके से लड़ने के लिए तैयार हैं।
शैडो बैंक, वाणिज्यिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं। इनमें आमतौर पर ऐसे अनुभवी निवेशक शामिल होते हैं, जो जटिल जोखिमों को समझते हैं और उन्हें सहन कर सकते हैं। शैडो बैंकिंग के उदाहरणों में मनी मार्केट फंड, हेज फंड और इन्वेस्टमेंट बैंक शामिल हैं। वैश्विक वित्तीय प्रणाली में 'शैडो बैंकिंग' एक वैध और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसे गैर-बैंक वित्तीय मध्यस्थ (NBFI) के रूप में भी जाना जाता है। शैडो बैंकिंग प्रणाली में ऐसे गैर-बैंक वित्तीय मध्यस्थ शामिल होते हैं, जो पारंपरिक बैंकों के समान ऋण और वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं, लेकिन कम विनियमन और निगरानी के तहत काम करते हैं।
ईरान के कुल तेल निर्यात का 90 प्रतिशत हिस्सा चीन खरीदता है। अमेरिका ने अब चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। ट्रेजरी ने साफ किया है कि जो भी बैंक इन रिफाइनरियों के साथ लेनदेन करेंगे। वे अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम से बाहर कर दिए जाएंगे। इसी कड़ी में अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही 'हेंगली पेट्रोकेमिकल' जैसी बड़ी रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई है। क्रेमलिन ने वार्ता को दोस्ताना और सकारात्मक बताया। बातचीत में ईरान युद्ध, यूक्रेन संघर्ष और हाल ही में व्हाइट हाउस से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर चर्चा हुई। पुतिन ने ट्रंप पर हुए हमले की कोशिश की निंदा की है। इसके अलावा ट्रंप और पुतिन ने ईरान परमाणु समझौते और युद्धविराम पर विचार-विमर्श किया।