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तुर्की से प्रतिबंध हटाएगा अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप बोले- हम उन्हें F-35 फाइटर जेट बेचने का विचार कर रहे

डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का ऐलान किया और F-35 लड़ाकू विमान बेचने पर फैसला लेने की बात कही।
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Jul 07, 2026
Iran-US Relations
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)

तुर्की को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने मंगलवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति तयिप एर्दोगान के साथ मुलाकात के बाद बड़ी घोषणा की है।

उन्होंने साफ कहा कि तुर्की पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे और F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट बेचने का फैसला भी जल्द लिया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच रिश्तों में नई शुरुआत का संकेत दे रहा है।

पुरानी रक्षा खरीद का विवाद

साल 2020 में तुर्की ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा था। अमेरिका ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा माना और तुर्की पर CAATSA कानून के तहत सख्त प्रतिबंध लगा दिए। साथ ही तुर्की को F-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया। तुर्की सरकार ने इसे गलत और अनुचित बताया था।

अब ट्रंप सरकार इस पुराने विवाद को खत्म करने जा रही है। ट्रंप ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा- हम तुर्की पर लगे प्रतिबंध हटा रहे हैं। उन्होंने F-35 की बिक्री पर भी कहा कि यह एक फैसला है जो हम लेंगे।

ट्रंप का यह रुख दिखाता है कि वे पुराने दुश्मनी के रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाना चाहते हैं। तुर्की के लिए यह राहत भरा फैसला है।

NATO में तुर्की की अहम भूमिका

तुर्की नाटो का महत्वपूर्ण सदस्य देश है। ब्लैक सी और मध्य पूर्व के बीच उसकी भौगोलिक स्थिति बहुत खास है। एर्दोगान लंबे समय से अमेरिका से F-35 वापस पाने की कोशिश कर रहे थे। ट्रंप के इस रुख से तुर्की में खुशी है। हालांकि अमेरिकी संसद और कानूनी अड़चनों को अभी पूरी तरह साफ करना बाकी है।

भारत के लिए क्यों जरूरी है यह प्रकरण?

भारत के लिए यह घटनाक्रम ध्यान देने लायक है। तुर्की पाकिस्तान के साथ करीबी रिश्ते रखता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाक का खुलकर समर्थन अगर अमेरिका तुर्की को F-35 देता है तो क्षेत्रीय संतुलन प्रभावित हो सकता है।

भारत अमेरिका से रक्षा साझेदारी बढ़ा रहा है, ऐसे में इस फैसले पर नजर रखनी होगी। ट्रंप ने कहा कि वे एर्दोगान के साथ व्यापार के मुद्दों पर भी विस्तार से बात करेंगे। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करने की कोशिशें तेज हो सकती हैं।

Updated on:
07 Jul 2026 09:28 pm
Published on:
07 Jul 2026 09:28 pm