अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड विवाद को लेकर यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से लगाने वाले टैरिफ की धमकी वापस ले ली है। गुरुवार को उन्होंने घोषणा की कि वह इस योजना को आगे नहीं बढ़ाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस ले ली है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि वह ग्रीनलैंड को लेकर कुछ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की अपनी योजनाओं को आगे नहीं बढ़ाएंगे।
बता दें कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने कुछ यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। जिसे अब उन्होंने खुद वापस ले लिया है। उन्होंने बुधवार को नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ एक बैठक की थी। जिसे बाद यह फैसला सामने आया है।
इस बैठक को ट्रंप ने बहुत ही प्रोडक्टिव मीटिंग बताया। इस दौरान, नाटो प्रमुख से उनकी ग्रीनलैंड को लेकर स्पष्ट बातचीत हुई। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने इस कदम को अमेरिका और नाटो सहयोगियों दोनों के लिए फायदेमंद बताया।
ट्रंप ने लिखा- नाटो प्रमुख मार्क रुटे के साथ मेरी बहुत ही प्रोडक्टिव मीटिंग हुई, हमने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र के संबंध में भविष्य के सौदे का फ्रेमवर्क बनाया है। अगर डील पूरी होती है तो अमेरिका और सभी NATO देशों के लिए बहुत अच्छा होगा। इस समझ के आधार पर, मैं उन टैरिफ को लागू नहीं करूंगा जो 1 फरवरी से लागू होने वाले थे।
ट्रंप ने आगे लिखा- ग्रीनलैंड से संबंधित गोल्डन डोम के संबंध में अतिरिक्त चर्चाएं हो रही हैं। जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ेगी और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जरूरत के अनुसार अन्य लोग बातचीत के लिए जिम्मेदार होंगे। वे सीधे मुझे रिपोर्ट करेंगे।
ट्रंप ने पहले एक अलग पोस्ट में कहा था कि वाशिंगटन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। इससे पहले दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर यूरोपीय सहयोगियों के साथ तत्काल बातचीत का आह्वान किया।
इसके साथ, उन्होंने कहा कि यह NATO के लिए खतरा नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि ग्रीनलैंड अमेरिकी नियंत्रण में बेहतर ढंग से विकसित और सुरक्षित किया जा सकता है। इससे यूरोपीय देशों को भी फायदा होगा।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को अपने देश में मिलाने की बात कर रहे हैं और अगर आर्कटिक द्वीप को वाशिंगटन को नहीं बेचा गया तो यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं।
इसको लेकर ट्रंप ने यूरोपीय देशों के साथ बातचीत करने की पेशकश की, लेकिन चेतावनी भी दी कि अगर कोई डील नहीं हुई तो 1 फरवरी, 2026 से 10 प्रतिशत और 1 जून, 2026 से 25 प्रतिशत टैरिफ बढ़ा दिया जाएगा। उधर, डेनमार्क, ग्रीनलैंड और यूरोप के नेतृत्व ने उनकी मांग को खारिज कर दिया है।