
Eid-ul-Azha 2025: इस साल अधिकतर इस्लामी देशों में ईद-उल-अज़हा ( बकरीद ) 6 जून, शुक्रवार को मनाई जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय खगोलीय केंद्र ( International Astronomical Center) की खगोलीय गणनाओं और भविष्यवाणी के अनुसार 27 मई को जिल्हज्जा का चाँद दिखाई देने की प्रबल संभावना है, जिससे 28 मई को इस्लामी कैलेंडर के अंतिम महीने जिल्हज्जा की शुरुआत होगी। अबू धाबी स्थित केंद्र के निदेशक इंजीनियर मोहम्मद शौकत ओदेह ने बताया कि मध्य और पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों से यह चाँद देखा जा सकेगा। अमेरिका में यह नंगी आंखों से और अन्य क्षेत्रों में दूरबीन से नजर आ सकता है।
बहरहाल खगोलविदों की इस वैज्ञानिक भविष्यवाणी से मुस्लिम समुदाय को ईद की तैयारी का समय मिल रहा है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी यात्रा योजनाएं और त्योहार की तैयारियां शेयर कर रहे हैं। धार्मिक संगठनों ने भी इस अनुमान को ध्यान में रखते हुए ईद-उल-अज़हा की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे देशों में चाँद देखे जाने की पुष्टि स्थानीय रूयत-ए-हिलाल कमेटियों की ओर से जाएगी। कई देश अब चंद्रदर्शन के साथ-साथ खगोलीय विज्ञान को भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर रहे हैं, जिससे भविष्य में एकसमान तारीख़ पर ईद मनाने की दिशा में रास्ता खुल सकता है। यदि चाँद 27 मई को नहीं दिखाई देता है, तो 28 मई को जिल्हज्जा महीना शुरू होगा, और 7 जून को ईद-उल-अज़हा मनाई जाएगी।
गौरतलब है कि भारत में स्थानीय चाँद देखने की समितियाँ तिथि की आधिकारिक घोषणा करती हैं। गल्फ देशों में चाँद दिखने की संभावना 27 मई को है, जिससे ईद-उल-अज़हा की तिथि 6 जून निर्धारित की गई है।
इनपुट के लिए क्रेडिट: यह जानकारी International Astronomical Center, अबू धाबी की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति और इंजीनियर मोहम्मद शौकत ओदेह की आधिकारिक घोषणा पर आधारित है।