
ईरान का बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट (File Photo - IANS)
US-Iran War: ईरान की संसद की आंतरिक मामलों व परिषदों की समिति के चेयरमैन मोहम्मद सालेह जोकर ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान यूरेनियम के 60 फीसदी इनरिचमेंट प्रोग्राम से पीछे नहीं हटेगा। फार्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जोकर ने कहा कि यह ईरानी लोगों का जायज अधिकार है। यह देश के मौलिक अधिकार का हिस्सा है।
सालेह ने कहा कि ईरान न्यूक्लियर बम नहीं बनाना चाहता है, लेकिन परमाणु विज्ञान का लाभ लेना उसका वाजिब हक है। उन्होंने कहा कि यह दावा करना कि ईरान को 60 प्रतिशत एनरिचमेंट की जरूरत नहीं है, ठीक वही बात है जो दुश्मन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि
ईरान अपने अधिकारों की रक्षा करेगा।
इधर, 7 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के सहमत होते ही यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, अराघची के इस बयान पर अटलांटिक काउंसिल के सीनियर फेलो थॉमस वारिक ने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच अविश्वास की खाई गहरी हो गई है। इसलिए दोनों देशों का जल्द किसी समझौते पर फिर से पहुंचने की संभावना कम है।
थॉमस वारिक ने अल जजीरा से कहा कि वाशिंगटन का मानना है कि जून में ईरानियों के लिए बहुत फायदेमंद समझौते के बाद भी IRGC के कमांडरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमला किया था। इसलिए वाशिंगटन में इस बात को लेकर बहुत संदेह है कि दोनों देश एक ही बात जल्द सहमत हों।
उन्होंने कहा कि हम बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि ईरानी विदेश मंत्री का हालिया बयान आगे की बातचीत का रास्ता खोलेगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाशिंगनट किन पूर्व शर्तों पर काम करने को राजी है।
वहीं, अमेरिकी पाबंदियों का असर भी दिखने लगा है। ईरान ने देश के तीन बड़े एयरपोर्ट्स पर कई ईरानी एयरलाइंस की सेवा बंद कर दी है। इराक में ईरान-समर्थक कई नेताओं ने अमेरिका की पाबंदियों के आगे न झुकने की चेतावनी दी थी, लेकिन उन चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया गया। इराक के इस फैसले से देश का आर्थिक ढांचा भी चरमरा सकता है, क्योंकि इराक गैस के आयात के लिए ईरान पर बहुत ज़्यादा निर्भर है। ऐसे में ईरान के कदम से देश में गैस संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहीं, इराक मुख्य तौर पर अपना तेल निर्यात भी होर्मुज के जरिए करता है, वहां ब्लॉकेड की स्थिति में वह वैश्विक बाजार में अपना तेल नहीं बेच पा रहा है।
Updated on:
26 Sept 2026 07:16 am
Published on:
26 Sept 2026 07:14 am
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